रांचीः झारखंड सहायक अध्यापक संघर्ष मोर्चा के बैनर तले आज मुख्यमंत्री के नाम राज्य के सभी सत्ताधारी विधायक मंत्री और विपक्ष के विधायकों को एक दिवसीय मांग पत्र सौंपा गया। इसमें राज्य के 62000 सहायक अध्यापकों को वेतनमान के साथ अन्य सुविधाएं की मांग की गई है।
विधायकों से आग्रह किया गया है कि शीतकालीन सत्र के दौरान हमारी बात उठाई जाए और अगर हमें बिहार के तर्ज पर वेतनमान और राज्य कर्मी की दर्जा, 2018 में हुए केस को वापस लेने एवं ईपीएफ की सुविधा जल्द से जल्द प्रदान नहीं की जाती है तो 19 दिसंबर को विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
28 दिसंबर को सीएम आवास पर घेरा डालो डेरा डालो आंदोलन
इसके साथ ही 28 दिसंबर से अनिश्चितकालीन घेरा डालो डेरा डालो कार्यक्रम मुख्यमंत्री आवास पर की जाएगी। ज्ञात हो की इसी सरकार के तहत एक नियमावली प्राप्त हुई है परंतु उसमें जो राज्य के सहायक अध्यापकों का चिर परिचित मांग वेतनमान है उसे अभी भी दूर है।

इसी राज्य में अल्पसंख्यक विद्यालय के शिक्षकों की बहाली में बिना प्रशिक्षित टेट पास को 9300-34800 दिया जा रहा है जबकि सहायक अध्यापक जो टेट पास है उनको 5200 से 20200 देने के लिए आचार्य नियुक्ति प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा इसका विरोध किया जाता है और मांग किया जाता है। अल्पसंख्यक विद्यालयों की तरह यह सुविधा हमें भी दी जाए।
20 वर्षों से नक्सली सुदुरर्वर्ती क्षेत्र में शिक्षा का अलख जगा रहे हैं अध्यापक
राज्य के 62000 सहायक अध्यापक जो 20 वर्षों से नक्सली सुदुरर्वर्ती क्षेत्र में शिक्षा का अलख जगा रहे हैं इनके भविष्य के बारे में सरकार को सोचनी चाहिए। माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी चुनावी सभा में घोषणा पत्र में तीन माह के अंदर राज्य के सहायक अध्यापकों को वेतनमान देने को कहते थे परंतु वह मांग आज भी पूरा नहीं किए है। जिससे राज्य के 62000 सहायक अध्यापको ने आक्रोश में आकर आंदोलन प्रारंभ किया हैं।
मांग पत्र सौपने में माननीय विधायक उमांशकर अकेला बरही को संजय कुमार दुबे, मंत्री सत्यानंद भोक्ता को कृष्णा पासवान एवं मंत्री हफीजुल हसन को विरंज यादव, मंत्री आलमगीर आलम के पास सलीम अंसारी, एजाज उल हक विधायक लोबिन हेंब्रम को विकास चौधरी, विधायक पूर्णिमा सिंह को सुशील पांडे, विधायक ममता देवी को भागवत तिवारी राजेश कश्यप को मो०शकील के नेतृत्व में सभी सहायक अध्यापक अपने अपने क्षेत्र में माननीय विधायक और माननीय मंत्री को ज्ञापन सौंपे।


