झारखंड में एलपीजी की किल्लत के बीच सरकार का बड़ा फैसला, हर राशन कार्डधारक को मिलेगा 1 लीटर केरोसिन, पीडीएस से होगा वितरण।
Jharkhand Kerosene Scheme रांची: झारखंड में रसोई गैस की किल्लत को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में प्रत्येक राशन कार्डधारक परिवार को प्रति माह एक लीटर केरोसिन दिया जाएगा। यह वितरण सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की दुकानों के माध्यम से किया जाएगा।
Jharkhand Kerosene Scheme: 71.65 लाख परिवारों को मिलेगा लाभ
सरकार ने राज्य के 71.65 लाख परिवारों के लिए कुल 9.72 लाख लीटर (972 किलोलीटर) केरोसिन का आवंटन किया है। यह आवंटन पीडीएस दुकानों को मिलने वाले नियमित कोटे के अतिरिक्त होगा, ताकि गैस की कमी से जूझ रहे लोगों को राहत मिल सके।
केरोसिन का वितरण “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर किया जाएगा, जिससे जरूरतमंदों को प्राथमिकता मिल सके।
Key Highlights
एलपीजी संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला
हर राशन कार्डधारक को मिलेगा 1 लीटर केरोसिन
71.65 लाख परिवारों के लिए 9.72 लाख लीटर आवंटन
पीडीएस दुकानों से “पहले आओ, पहले पाओ” आधार पर वितरण
मिलावट रोकने के लिए डीसी को सख्त निर्देश
Jharkhand Kerosene Scheme: जिलावार आवंटन, रांची को सबसे अधिक हिस्सा
सरकार द्वारा विभिन्न जिलों के लिए केरोसिन का आवंटन तय कर दिया गया है। रांची जिले को 6.20 लाख परिवारों के लिए 84,110 लीटर केरोसिन दिया जाएगा।
इसके अलावा
- पूर्वी सिंहभूम: 67,630 लीटर
- पश्चिमी सिंहभूम: 52,940 लीटर
- धनबाद: 70,640 लीटर
- हजारीबाग: 57,680 लीटर
- गिरिडीह: 65,860 लीटर
- देवघर: 40,620 लीटर
- दुमका: 41,160 लीटर
- बोकारो: 38,360 लीटर
अन्य जिलों को भी उनके परिवारों की संख्या के अनुसार आवंटन किया गया है।
Jharkhand Kerosene Scheme: डीसी को सख्त निर्देश, मिलावट पर नजर
राज्य सरकार ने सभी जिलों के उपायुक्तों (DC) को निर्देश दिया है कि वे केरोसिन का सही तरीके से उठाव और वितरण सुनिश्चित करें।
साथ ही स्पष्ट किया गया है कि केरोसिन का उपयोग केवल खाना बनाने और रोशनी के लिए किया जाएगा। पेट्रोल और डीजल में मिलावट रोकने के लिए सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में विशेष शिविर लगाकर केरोसिन वितरण किया जाएगा। वहीं, जो परिवार लगातार केरोसिन लेते रहे हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।
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