‘बिहार का अभिशाप है कोसी नदी, तबाह करके चली जाती है कितनों की जिंदगी’

‘बिहार का अभिशाप है कोसी नदी, तबाह करके चली जाती है कितनों की जिंदगी’

सहरसा : बिहार का अभिशाप कोशी नदी को कहा जाता है और यह जब आती है तो कितनों की जिंदगी तबाह करके चली जाती है। हालांकि गरीबों की जिंदगी में कब रीत गई कब प्रीत गई कुछ पता नहीं चलता। जनप्रतिनिधियों द्वारा चुनाव में मुफ्त के रेवड़ियों को ही गरीब अमरता का पट्टा मान बैठते है और गरीब की जिंदगी कड़ाह कर ही गुजर जाती है।

लगातार बारिश के बाद बिहार के पड़ोसी देश नेपाल द्वारा पानी छोड़े जाने के बाद सहरसा जिले के नवहट्टा, सलखुआ और महिषी आदि के पंचायतों में बाढ़ जैसी हालात उत्पन्न हो गई। लेकिन कोसी एक ऐसी नदी है जहां पानी बढ़ने पर और पानी कम होने पर भी कटाव जारी रखता है। हर वर्ष कोसी तबाही मचाती है लेकिन प्रशाशनिक खानापूरी के अलावे धरातल पर कुछ नही होता और विधायक से सांसद तक कड़ाह रही जिंदगी की सुधि तक नही लेते हैं।

आगामी लोकसभा चुनाव 2024 और विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारी शुरू हो चुकी है। बाढ़ पीड़ित इलाका महिषी विधानसभा क्षेत्र में आता है। यहां के विधायक गूंजेश्वर साह जदयू के विधायक है। जबकि मधेपुरा लोकसभा का यह क्षेत्र है और जदयू के सांसद दिनेश चंद्र यादव हैं। बावजूद सत्तासीन सरकार के जनप्रतिनिधियों द्वारा कोसी कटाव से पीड़ित लोगों का सुधि नहीं लेना है। सुशाशन की सरकार का यह पोल खोल रही है। ये तमाम जनप्रतिनिधि अपने विकास पथ पर अग्रसर हैं और जिनके बदौलत वे इन मुकाम पर है उनको फिर से चुनाव में अमरता का पट्टा दिया जाएगा।

राजीव कुमार झा की रिपोर्ट

Saffrn

Trending News

Corrugated Boxes Supplier in Jharkhand & West Bengal | Aarisha Packaging Solutions

Social Media

180,000FansLike
28,100FollowersFollow
628FollowersFollow
688,500SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img