लखीसराय : लखीसराय जिले के कबैया थाना क्षेत्र के पंजाबी मुहल्ला में सोमवार यानी 20 नवंबर को आपसी रंजिश में गोलीबारी हुई थी। जिसमें तीन लोगों की मौत हो है जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं जिनका इलाज पटना के पीएमसीएच में चल रहा है। मुंगेर के डीआईजी संजय कुमार और लखीसराय के एसपी पंकज कुमार ने आज प्रेस कांफ्रेंस करके जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रेमी आशीष चौधरी के साथ एक को गिरफ्तार किया है।
आपको बता दें कि 20 नवंबर को सुबह सुबह साढ़े सात बजे से आठ बजे के बीच लखीसराय जिला के कवैया ओपी अंतर्गत स्थित पंजाबी मुहल्ला वार्ड नंबर-15 गली नंबर-7 में दुर्गा झा के परिवार के साथ गोलीबारी की घटना घटित हुई। इस गोलीबारी में दो व्यक्ति चंदन झा (31 वर्ष), राजनंदन झा (40 वर्ष) और दुर्गा झा (24 वर्ष) की मौत हो गई है। जबकि शशि भूषण झा (35 वर्ष), शशि भूषण झा (60 वर्ष) और लवली देवी (38 वर्ष) का इलाज पटना के पीएमसीएच में चल रहा है। इलाज के दौरान उक्त घटना में जख्मी दुर्गा झा की भी मृत्यु हो गई है।
पुलिस का कहना है कि घटना का मुख्य कारण यह है कि आशीष चौधरी एवं दुर्गा झा का पूर्व से प्रेम प्रसंग था। आशीष चौधरी एवं दुर्गा झा की शादी करीब चार-पांच पहले हुई थी। विगत कुछ माह से दुर्गा झा इससे अलग हो गई थी। आशीष चौधरी को अपनी प्रेमिका का अन्य लड़के से संबंध होने की जानकारी होने पर आशीष चौधरी एवं दुर्गा झा के परिवार के बीच में दुर्गा झा के किसी अन्य लड़के के साथ अवैध संबंध को लेकर वाद-विवाद हुआ। आशीष चौधरी के द्वारा उस लड़के को छोड़ने की बात दुर्गा झा के परिवार से किया गया। लेकिन लड़की सहित उसके परिवार के लोग इसके लिए तैयार नहीं हुए। उसी प्रतिक्रिया में आशीष चौधरी द्वारा अपने सहयोगियों के साथ गोलीबारी की घटना को अंजाम दिया।
अग्रतर अनुसंधान के क्रम में आशीष चौधरी के गतिविधि के संबंध में तकनीकी साक्ष्य के आधार पर एक व्यक्ति से पूछताछ की गई। जिसमें स्पष्ट हुआ कि घटना से पहले उसके द्वारा छठ घाट से ही पूरे परिवार का पीछा करते हुए अभियुक्त आशीष चौधरी को लोकेशन दिया जा रहा है। वह व्यक्ति घटना स्थल पर भी मौजूद था। इसके अतिरिक्त आशीष चौधरी के एक सहयोगी उमेश साव की भी गिरफ्तारी की गई है। जिसके द्वारा आशीष चौधरी को हथियार दिया गया था। गिरफ्तार किए गए सहयोगी का पूर्व का भी अपराधिक इतिहास रहा है। इसका सत्यापन किया जा रहा है। विधि-विज्ञान प्रयोगशाला के वैज्ञानिकों द्वारा घटनास्थल से कई साक्ष्य संकलित किए गए है। घटना में प्रयुक्त एक हथियार, खोखा एवं जिन्दा कारतूस की जांच की जा रही है।
चांद किशोर यादव की रिपोर्ट


