बोकारो : पूरे देश में कोरोना काल के 2 साल के बाद भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली गई.
इसी क्रम में शुक्रवार को बोकारो के सेक्टर चार स्थित जगन्नाथ मंदिर से
भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा धूमधाम और हर्षाेल्लास के साथ निकाली गई.
इसको लेकर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर परिसर में देखी जा रही है.

मंदिर के पुजारी भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की पूजा अर्चना की.
जैसा की परंपरा चली आ रही है कि रथ में भगवान को विराजमान करने से
पहले पूरे विधि-विधान के साथ पूजा अर्चना की जाती है.
रथ यात्रा शुरू होने से पहले बोकारो स्टील प्लांट के प्रभारी निदेशक अम्लेंद्रु प्रकाश ने
सोने के झाड़ू से छेरा पुहरा कर इसकी शुरुआत की. उसके बाद उनके द्वारा पूजा अर्चना की गई.
मौसी बाड़ी में रहेंगे भगवान जगन्नाथ
भगवान जगन्नाथ का रथ बोकारो के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण करते हुए सेक्टर वन स्थित राम मंदिर में उनकी मौसी बाड़ी में जाकर रूकेगा. जहां भगवान मौसी बाड़ी में ही रहेंगे. वहीं पर उनकी पूजा-अर्चना की जाएगी, तत्पश्चात वापस रथ जगन्नाथ मंदिर में आएगा और भगवान जगन्नाथ को फिर मंदिर में विराजमान किया जाएगा.
बेरमो: जगन्नाथ मंदिर में मंत्री जगरनाथ महतो ने की पूजा

बेरमो: बेरमो के चंद्रपुरा स्टेशन रोड स्थित बनी जगन्नाथ मंदिर में शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने पूजा की. यहां हर वर्ष मंत्री जगरनाथ महतो और डीवीसी के प्रोजेक्ट हेड मिलकर रथ यात्रा में शामिल होते हैं. इस वर्ष मंत्री जगरनाथ महतो व्यस्तता के कारण रथ यात्रा में शामिल नहीं हो पाएंगे, जिसके कारण वे अपनी पत्नी और भतीजा के साथ पहले ही मंदिर आकर पूजा-अर्चना की.
धूम-धाम से निकली रथ यात्रा

बेरमो में कई जगहों में बड़ी धूम-धाम से रथ यात्रा निकली गयी. वहीं चंद्रपुरा में भी रथ यात्रा निकाली गई. डीवीसी के मुख्य अभियंता सह प्रोजेक्ट हेड अजय दत्ता द्वारा पूजा पाठ करके एवं झाड़ू लगाकर रथ के आगे और उसके बाद रथ खींचकर शुरुआत की गई. जिसमें भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र, बहन सुभद्रा को रथ में बैठा कर पूरे नगर भ्रमण कराया जाता है. उसके बाद मौसी बाड़ी पहुंचाया जाता है जहां भगवान विश्राम करते हैं.
रिपोर्ट: चुमन कुमार/मनोज कुमार
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