पटना : बिहार विधानसभा में शीतकालीन सत्र का आज यानी चार दिसंबर का चौथा दिन था। जिसमें राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के अभिभाषण प्रस्ताव पर चर्चा हो रही है। जिसमें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी सरकार को मिल रहे सहयोग का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने राज्य विधानसभा के सदस्यों से अपील की कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपना आभार व्यक्त करने के लिए हाथ उठाएं। उन्होंने राज्यपाल द्वारा दोनों सदनों के संयुक्त अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान यह बात कही।
केंद्र सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है – CM नीतीश कुमार
आपको बता दें कि लगातार 5वीं बार मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड बना चुके नीतीश कुमार ने अपने पिछले 20 साल के शासनकाल में राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए किए गए प्रयासों के बारे में विस्तार से बात की। उन्होंने 20 मिनट के भाषण के अंत में उन्होंने कहा कि राज्य के विकास के लिए हमें केंद्र सरकार से पूरा सहयोग मिल रहा है। जुलाई 2024 में पेश किए गए बजट में केंद्र ने सड़कों, उद्योग, स्वास्थ्य, पर्यटन और बाढ़ नियंत्रण को लेकर विशेष वित्तीय सहायता दी।
फरवरी 2025 में पेश किए गए बजट में मखाना बोर्ड स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया – नीतीश कुमार
सीएम ने कहा कि इसके बाद फरवरी 2025 में पेश किए गए बजट में मखाना बोर्ड स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया। साथ ही हवाई अड्डे बनाने और पश्चिम कोसी नहर परियोजना के लिए आर्थिक मदद की घोषणा की गई। इसी साल बिहार को खेलो इंडिया यूथ गेम्स की मेजबानी का अवसर भी मिला।
मैं प्रधानमंत्री को सलाम करता हूं – CM
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी चीजों के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सलाम करता हूं। मैं सभी सदस्यों से अनुरोध करता हूं कि वे हाथ उठाकर ऐसा करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कई बार बिहार आए हैं और कई परियोजनाओं की शुरुआत की है। सीएम नीतीश ने कहा कि अब राज्य के तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद है। अर्थव्यवस्था और मजबूत होगी। सभी क्षेत्रों में काम और तेजी से आगे बढ़ेगा।
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विपक्ष की ओर इशारा कर क्या बोले नीतीश?
अपनी सीट पर बैठने से पहले उन्होंने विपक्ष के सदस्यों की ओर इशारा करते हुए कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को धन्यवाद देने के लिए हाथ नहीं उठाए। सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि आप लोग ऐसा क्यों नहीं कर रहे हैं? दो-तीन बार मैं आप लोगों के साथ हो गया था। लेकिन जब आपने शरारतें शुरू कर दीं, तो मैं अलग हो गया। अब मैं (NDA) छोड़ने वाला नहीं हूं। यह सुनकर सदन में जोरदार ठहाके गूंज उठे। साल 1990 के दशक से बीजेपी के सहयोगी रहे नीतीश कुमार ने पिछले 10 वर्ष में राजद-कांग्रेस गठबंधन के साथ दो बार सरकार बनाई, लेकिन दोनों बार सरकार ज्यादा समय तक नहीं चलीं। बाद में उन्होंने विधान परिषद में भी सदस्यों से यही अपील की। कुमार विधान परिषद के सदस्य हैं।
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अंशु झा की रिपोर्ट
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