रांची : पुलिस ने वर्चुअल कॉल के माध्यम से कारोबारियों को मिल रही रंगदारी कांड का खुलासा करते हुए गढ़वा से सुजीत सिन्हा के एक गुर्गे को गिरफ्तार किया है. अपने आपको मयंक सिंह बता कर अमित कुमार चौधरी नाम का युवक कारोबारियों की नाक में दम कर रखा था. अमित कुमार चौधरी धनबाद जेल में बंद गैंगस्टर सुजीत सिन्हा के संपर्क में था और उसी के इशारे पर कारोबारियों से रंगदारी की मांग कर रहा था.
हाल के दिनों में रांची के अरगोड़ा और सुखदेवनगर इलाके के दो कारोबारियों से मयंक सिंह बन कर अमित चौधरी ने ही वर्चुअल कॉल के माध्यम से दो करोड़ की रंगदारी मांगी थी. रांची पुलिस की स्पेशल टीम ने कार्रवाई करते हुए शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया तो खुलासा हुआ कि अमन साव गैंग को बदनाम करने और फंसाने के लिए रंगदारी की पूरी कहानी सुजीत सिन्हा ने जेल में बंद रहते हुए रची थी.
सीनियर एसपी सुरेंद्र कुमार झा ने बताया कि अमित चौधरी सुजीत सिन्हा से फेसबुक के माध्यम से जुड़ा था. उसने झारखंड के कई गैंगस्टर्स से संपर्क किया था ताकि उसे काम मिल सके. इसी बीच फेसबुक के माध्यम से दो कुख्यात अपराधियों से पहचान हो गई जिनमे सुजीत और अभिषेक पंडित शामिल थे. अमित चौधरी की काबिलियत को देखते हुए सुजीत सिन्हा ने उसका प्रयोग कारोबारियों से रंगदारी मांगने के लिए शुरू किया. अमित चौधरी बड़े-बड़े कंस्ट्रक्शन साइट्स और कारोबारियों के ठिकानों की वीडियोग्राफी और फोटो खींचकर सुजीत सिन्हा के पास भेजता था जिसके बाद उनसे रंगदारी की डिमांड की जाती थी.
रिपोर्ट : प्रतीक सिंह







