Jharkhand: JTET (झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा) से भोजपुरी, मगही और अंगिका भाषाओं को हटाये जाने के मुद्दे पर गढ़वा में सियासी घमासान तेज हो गया है। बुधवार को गढ़वा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी के आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार के इस निर्णय पर कड़ा विरोध जताया और इसे पलामू-गढ़वा के छात्रों के साथ अन्याय बताया। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने कहा कि जेटेट से क्षेत्रीय भाषाओं को हटाना युवाओं के भविष्य पर अगले 25 वर्षों के लिए ताला लगाने जैसा है।
राजद, कांग्रेस व झामुमो के नेताओं को गढ़वा-पलामू में घुसने नहीं दिया जायेगा…
उन्होंने आरोप लगाया कि झामुमो सरकार रोजगार देने में विफल रही है और जनता का ध्यान भटकाने के लिए ऐसे विवाद खड़े किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर पूरे क्षेत्र में आंदोलन किया जायेगा और राजद, कांग्रेस व झामुमो के नेताओं को गढ़वा-पलामू में घुसने नहीं दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि चुनाव में हार-जीत होती रहती है, लेकिन क्षेत्र के युवाओं के भविष्य के सवाल पर सभी नेताओं को एकजुट होकर विरोध करना चाहिए, अन्यथा जनता चुप रहने वाले जनप्रतिनिधियों को जवाब देगी।
भानु प्रताप शाही ने कहा कि हेमंत सरकार पर बोला हमला
इस अवसर पर पूर्व मंत्री सह भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही ने कहा कि हेमंत सरकार ने सुनियोजित तरीके से क्षेत्रीय भाषाओं को हटाकर यहां के युवाओं के भविष्य
के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 में आयोजित जेटेट परीक्षा से हजारों युवाओं को रोजगार मिला था, लेकिन इस बार सरकार ने पलामू और गढ़वा के छात्रों की उपेक्षा की है। उन्होंने कहा कि मगही और भोजपुरी इस क्षेत्र की प्रमुख बोलचाल की भाषाएं हैं, जिसकी पुष्टि सरकार स्वयं करा सकती है, इसके बावजूद इन भाषाओं को हटाकर ओड़िया और बंगाली को शामिल करना समझ से परे है। उन्होंने पलामू क्षेत्र के राजद, कांग्रेस और झामुमो के जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर भी सवाल उठाया और इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य डॉ. ईश्वर सागर चंद्रवंशी ने कहा कि क्षेत्रीय भाषाओं को हटाना छात्रों के भविष्य के साथ सीधा अन्याय है और भाजपा इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी। प्रेस वार्ता में भाजपा जिलाध्यक्ष उदय कुशवाहा, पूर्व जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश केशरी, भाजपा नेत्री कंचन जायसवाल, विनोद जायसवाल, डॉ. पतंजलि केशरी, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष रामाशीष तिवारी, धनंजय गौंड, विवेकानंद तिवारी, अरविंद धरदूबे, राजीव रंजन तिवारी, बबलू पटवा, अरविंद पटवा सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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