Ranchi Mayor Election Update:रांची नगर निगम चुनाव में रोशनी खलखो बढ़त पर। डिप्टी मेयर पद को लेकर भाजपा में नए चेहरे की तलाश, कई पुराने दिग्गज बाहर।
Ranchi Mayor Election Update रांची: रांची नगर निगम चुनाव में मेयर पद पर भाजपा समर्थित रोशनी खलखो जीत चुकी हैं। अधिकांश वार्ड पार्षदों के परिणाम घोषित हो चुके हैं। अब सियासी फोकस डिप्टी मेयर पद की दौड़ पर आ गया है, जहां भाजपा के भीतर मंथन तेज हो गया है।
Ranchi Mayor Election Update:पुराने चेहरों की गैरमौजूदगी, नए दावेदारों की तलाश
भाजपा खेमे में इस बार कई पुराने चेहरे नजर नहीं आ रहे हैं। वार्ड 21 से सुनील यादव मामा ने जीत दर्ज की है। वे या उनकी पत्नी पिछले चार कार्यकाल से लगातार जीतते रहे हैं। वार्ड 1 से नकुल तिर्की तीसरी बार विजयी हुए हैं। वार्ड 28 से रश्मि चौधरी दूसरी बार जीती हैं। प्रदीप कुमार और सुचिता रानी भी लगातार दूसरी और तीसरी बार पार्षद बने हैं।
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार डिप्टी मेयर पद के लिए इस बार नए चेहरे पर दांव लगाया जा सकता है। मेयर पद आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित होने के कारण डिप्टी मेयर पद पर सामान्य वर्ग के उम्मीदवार को मौका देने की रणनीति पर विचार हो रहा है।
Key Highlights
मेयर पद पर रोशनी खलखो जीत के करीब।
भाजपा समर्थित 25 से अधिक पार्षद विजयी।
डिप्टी मेयर के लिए नए चेहरे पर दांव संभव।
सुनील यादव, प्रदीप कुमार, रश्मि चौधरी और सुचिता रानी चर्चा में।
अंतिम फैसला होली के बाद होने की संभावना।
Ranchi Mayor Election Update:भाजपा की रणनीति: मेयर के बाद डिप्टी मेयर भी अपने खाते में
सूत्रों के मुताबिक भाजपा समर्थित 25 से अधिक पार्षद जीत चुके हैं। ऐसे में पार्टी की कोशिश होगी कि डिप्टी मेयर पद भी भाजपा के खाते में ही जाए। पार्टी यह भी देख रही है कि कौन ऐसा चेहरा है जो पूरे शहर में स्वीकार्य हो और संगठनात्मक संतुलन बनाए रख सके।
संभावना जताई जा रही है कि सुनील यादव मामा और प्रदीप कुमार के नामों पर चर्चा हो सकती है। वहीं यदि पार्टी मेयर और डिप्टी मेयर दोनों पदों पर महिला नेतृत्व देना चाहती है, तो रश्मि चौधरी या सुचिता रानी के नाम पर विचार संभव है।
Ranchi Mayor Election Update:विपक्ष की स्थिति कमजोर, होली के बाद फैसला
झामुमो के संभावित दावेदार सोमवित माजी चुनाव हार चुके हैं, जिससे विपक्ष की रणनीति को झटका लगा है। कांग्रेस भी उल्लेखनीय प्रदर्शन नहीं कर सकी है। हालांकि दोनों दल संभावनाओं की समीक्षा कर रहे हैं।
भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार अंतिम निर्णय होली के बाद लिया जाएगा। फिलहाल पार्टी संगठन स्तर पर रायशुमारी और राजनीतिक समीकरणों का आकलन कर रही है।
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