रांचीः सरना धर्म रक्षा अभियान के तहत राष्ट्रीय आदिवासी समाज ने 22 सूत्री मांग राज्यपाल को सौंपा. जिसपर शिष्टमंडल के द्वारा चर्चा हुई. सोमवार को 15 सदस्यीय टीम सरना धर्मगुरू बंधन तिग्गा के नेतृत्व में राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन से राजभवन में मुलाकात की.
22 सूत्री मांग को सौंपा
सरना धर्मगुरू बंधन तिग्गा ने बताया कि राज्यपाल ने केन्द्र सरकार से संबंधित मामलों जैसे जनगणना प्रपत्र में सरना धर्म कोड की मांग को केन्द्र सरकार तक पहुंचाने की बात कही. साथ ही राज्य सरकार से संबंधित मामलों के संदर्भ में सरकार को सूचित करने की भी बात कही. उन्होंने आदिवासियों के धार्मिक सामाजिक एवं रैयती भूमि के संदर्भ में शिष्टमंडल उपायुक्त से मिलने और समस्याओं के निदान करने के लिए संपर्क करने को कहा.
बंधन तिग्गा ने बताया सीपी राधाकृष्णन ने उपायुक्त द्वारा उचित कार्रवाई नहीं होने पर राष्ट्रीय आदिवासी समाज के लिए उनका दरवाजा 24 घंटा खुला है. उन्होंने कहा कि आदिवासियों एवं झारखंड के कई समस्याओं के समाधान के लिए आदिवासी संगठनों की बड़ी बैठक का आयोजन किया जाएगा. रांची विश्वविद्यालय का नाम नामांतरित कर डॉ करमा उरांव के नाम पर करने को लेकर भी चर्चा की गई. जिस पर राज्यपाल ने गंभीहरता से विचार करने की बात कही.
शिष्टमंडल में मुख्य रूप से रंथू उरांव, बलकू उरांव, राणा प्रताप उरांव, बिरसा कंडीर, रवि तिग्गा, दुर्गावती ओडे़या, नारायण उरांव, संगम उरांव, शिवा कच्छप, बुधुवा उरांव, सूरज खलखो, अनिल उरांव , संदीप उरांव और अनीता गाड़ी उपस्तिथ थे.
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