पटना : पटना में विश्वेश्वरैया भवन के बाहर असिस्टेंट इंजीनियर भर्ती में संविदाकर्मियों को प्राथमिकता और वेटेज नियमों में बदलाव के खिलाफ सैकड़ों फ्रेशर इंजीनियरों ने बड़ा प्रदर्शन किया। जहां उन्होंने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उनकी मांग है कि उन्हें मेहनत के बजाय नियमों में गड़बड़ी के कारण बाहर किया जा रहा है जिससे रोजगार के मौके छिन रहे हैं।
विरोध प्रदर्शन के मुख्य कारण
अभ्यर्थियों का आरोप है कि नई भर्तियों में संविदा पर काम कर रहे इंजीनियरों को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि फ्रेशर्स को मौका नहीं मिल रहा है। नियमानुसार संविदाकर्मियों को अनुभव के आधार पर अंकों (वेटेज) का लाभ मिलना था (1 साल के लिए 5 अंक, अधिकतम 25 अंक), लेकिन नियमों को बदलकर इसे 25 फीसदी वेटेज कर दिया गया, जिससे उन्हें 400 में से 133 अतिरिक्त अंक मिल रहे हैं और उनका चयन हो रहा है। फ्रेशर्स का कहना है कि उन्होंने कड़ी मेहनत से परीक्षा दी, लेकिन चयन प्रक्रिया में उनकी मेहनत और मेरिट को नजरअंदाज किया जा रहा है।

प्रदर्शनकारियों ने सरकार और BPSC के खिलाफ जबरदस्त नारेबाजी की
प्रदर्शनकारियों ने बिहार सरकार और बीपीएससी के खिलाफ जबरदस्त नारेबाजी की। उन्होंने आरोप लगाया कि एक संविदाकर्मी का चयन कई विभागों में हो रहा है, जबकि फ्रेशर्स नौकरी के लिए भटक रहे हैं। यह विरोध प्रदर्शन असिस्टेंट इंजीनियर बहाली प्रक्रिया में निष्पक्षता और सही नियमों को लागू करने की मांग को लेकर किया गया है।

अस्सिटेंट इंजीनियरों ने पटना के विश्वेश्वरैया भवन के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया
पटना में अस्सिटेंट इंजीनियर की बहाली मांग को लेकर सैकड़ो अभ्यर्थीयों द्वारा सड़क पर प्रदर्शन किया। पटना के विश्वेश्वरैया भवन के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। यह सभी कैंडिडेट्स बीपीएससी की ओर से आयोजित असिस्टेंट इंजीनियर परीक्षा में शामिल हुए थे। बहाली प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता का आरोप लगाते हुए सैकड़ों की संख्या में अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन और नारेबाजी की।

फ्रेशर्स को दरकिनार कर संविदा कर्मियों को प्राथमिकता दी जा रही है – अभ्यर्थी
प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों ने कहा कि रिक्तियों में फ्रेशर्स को दरकिनार कर संविदा कर्मियों को प्राथमिकता दी जा रही है। कई संविदा कर्मियों का चयन एक साथ तीन से चार विभागों में हो रहा है। जबकि फ्रेशर्स योग्य होने के बावजूद नौकरी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। हमारी मांग अगर पूरी नहीं की जाती है तो आने वाले साल में हम लोग एक बार फिर से सड़क पर उतरने का काम करेंगे। मिली जानकारी के अनुसार, अभ्यर्थी बीपीएससी के सचिव संजय कुमार पाल से मुलाकात की।
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अमित झा की रिपोर्ट
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