बुलडोजर एक्शन पर Supreme Court का फैसला CM Yogi के लिए बड़ा झटका

डिजीटल डेस्क : बुलडोजर एक्शन पर Supreme Court का फैसला CM Yogi के लिए बड़ा झटका। जिस बुलडोजर एक्शन ने दंगाइयों और बलवाइयों के साथ अन्य अपराध के आरोपियों के खिलाफ भी CM Yogi के राज का ब्रांड बन चुका था, अब बुधवार को आए Supreme Court के फैसले से उसे तगड़ा झटका लगा है।

ताजा फैसले और आदेश के बाद CM Yogi आदित्यनाथ के बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ अभी तक दबी रह जाने वाली आवाजों के अब खुलकर मुखरित होने का अंदेशा बढ़ा है। इससे CM Yogi के प्रतिपक्षी सियासी खेमे के लोगों को बड़ा राजनीतिक हथियार हाथ लगा है, ऐसा सियासी रणनीतिकार मान रहे हैं।

कहा जा रहा है कि अब तमाम आपराधिक मामलों में आरोपियों के खिलाफ CM Yogi के कानून-राज की हनक के लिए नए बुलडोजर कार्रवाई का नया दमदार विकल्प लाना होगा अन्यथा अब तक CM Yogi के राज की हनक वाली कार्रवाई की छवि के मिटने का खतरा है।

बुलडोजर एक्शन पर Supreme फैसले के हैं गंभीर सियासी मायने…

मनमाने बुलडोजर एक्शन के खिलाफ Supreme Court के आदेश को यूपी सरकार के लिए सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है। यूपी में ही 2017 में पहली बार आरोपी और दोषी व्यक्ति के खिलाफ बुलडोजर एक्शन की शुरुआत हुई थी। बाद में धीरे-धीरे कार्रवाई का यह ट्रेंड देश के अलग-अलग राज्यों में शुरू होता गया।

यूपी के CM Yogi आदित्यनाथ ने 2022 की रैली में बुलडोजर को अपना चुनावी सिंबल भी बना लिया था। उनकी हर रैली में बुलडोजर रखा जाता था और उसे दिखाकर CM Yogi लोगों से अपील करते थे।

यूपी सरकार के मुताबिक ये सभी कार्रवाई अवैध निर्माण पर की गई है। वहीं याचिकाकर्ताओं का कहना था कि बुलडोजर की कार्रवाई मुसलमान आरोपी देखकर की गई है। यूपी में बुलडोजर कार्रवाई के जरिए भाजपा की सरकार ने क्राइम कंट्रोल को लेकर फौरी राहत पाती रही है।

आरोपी के घर गिरने से बैकफुट पर गई सरकार तुरंत फ्रंटफुट पर आ जाती थी और बढ़ते क्राइम के बावजूद सरकार कभी घिरी नहीं। लेकिन अब Supreme फैसले ने सरकार की टेंशन बढ़ा दी है।

बुधवार को आए फैसले के बाद CM Yogi की अगुवाई वाली भाजपा सरकार आपराधिक आरोपियों के खिलाफ बुलडोजर एक्शन से बचने को मजबूर होगी जबकि बुलडोजर वाले प्रकरण पर प्रमुख विपक्षी दल सपा, कांग्रेस और अन्य भाजपा के साथ ही CM Yogi को सीधे निशाने पर लेंगे।

इससे आगामी दिनों होने वाले चुनावों में दोनों ही पक्षों के लिए राजनीतिक नफा-नुकसान होने का आधार बनने का अंदेशा है।

सीएम योगी आदित्यनाथ की फाइल फोटो
सीएम योगी आदित्यनाथ की फाइल फोटो

क्राइम कंट्रोल को लेकर अब योगी सरकार को ढूंढना होगा दूसरा मजबूत तरीका…

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2017 से 2024 तक पूरे देश में करीब 1900 से ज्यादा बुलडोजर की कार्रवाई हुई है। इनमें भी सबसे ज्यादा बुलडोजर एक्शन यूपी में हुआ है। बताया जा रहा है कि अकेले उत्तर प्रदेश में पिछले 7 साल में बुलडोजर की करीब 1500 कार्रवाई हुई है।

बुलडोजर की कार्रवाई ने CM Yogi आदित्यनाथ की छवि को एक कठोर प्रशासक की भी बना दी थी। CM Yogi को सियासी गलियारों में बुलडोजर बाबा की उपाधि दी गई थी। खुद CM Yogi भी इस उपाधि से खूब खुश थे और अपनी कार्रवाई को बेहतरीन कार्रवाई बताते रहे।

हाल ही में बुलडोजर एक्शन पर मचे घमासान पर CM Yogi ने कहा था कि इसे चलवाने के लिए दिल और जिगरा की जरूरत होती है।

इतना ही नहीं, CM Yogi अपनी हर रैली में बुलडोजर एक्शन की बखान करते रहे है और उनके इस बखान पर दर्शक खूब तालियां भी बजाते रहे हैं, लेकिन अब Supreme फैसले के बाद योगी आदित्यनाथ को अपनी छवि को मजबूत करने के लिए कोई और उपाय करने होंगे।

बुल्डोजर एक्शन का सांकेतिक चित्र
बुल्डोजर एक्शन का सांकेतिक चित्र

अब बुलडोजर एक्शन पर मुखर होंगे मुसलमान और प्रतिपक्षी दल, भगवा खेमे के लिए यूपी में बढ़ी टेंशन…

बता दें कि बुलडोजर की कार्रवाई से उत्तर प्रदेश में मुसलमान मुखर नहीं थे। लेकिन अब Supreme Court के बुधवार के आए फैसले के बाद माना जा रहा है कि सियासी तौर पर मुसलमान इस मसले पर काफी मुखर होंगे।

यही नहीं, वर्ष 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में बुलडोजर एक्शन से लगातार अंदरखाने से नाराज चल रहे मुसलमान वोटर प्रतिपक्षी दलों के लिए बड़ी भूमिका निभाएंगे।

पहले से ही समाजवादी पार्टी के यूपी में PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) वाली रणनीति की वजह से बैकफुट पर चल रही योगी सरकार और भगवा खेमा के लिए भी Supreme Court का बुधवार का फैसला सियासी झटका साबित हो सकता है। अब से 2 साल बाद यूपी में विधानसभा के चुनाव होने हैं।

ऐसे में यूपी की सत्ता पर काबिज भाजपा और सीएम योगी के लिए यह ज्यादा ही टेंशन की बात है। यूपी के महाराजगंज में हाल ही में एक बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ Supreme Court ने फैसला सुनाया था। कोर्ट ने सरकार और उससे जुड़े अधिकारियों से पीड़ित परिवार को 25 लाख का मुआवजा देने का आदेश दिया था

।ऐसे में यूपी सरकार अब सीधे यह भी नहीं कह पाएगी कि बुलडोजर सिर्फ अवैध निर्माण पर ही चलाया गया है। इतना ही नहीं योगी आदित्यनाथ के देखादेखी ही बीजेपी के अन्य राज्यों के सीएम बुलडोजर कार्रवाई को आगे बढ़ा रहे थे। इसके कारण देशभर में योगी आदित्यनाथ बीजेपी की सियासत में अन्य मुख्यमंत्रियों की तुलना में बढ़त ले रहे थे. अब ऐसा नहीं हो पाएगा।

सुप्रीम कोर्ट, सीएम योगी और पूर्व सीएम अखिलेश यादव की फाइल फोटो
सुप्रीम कोर्ट, सीएम योगी और पूर्व सीएम अखिलेश यादव की फाइल फोटो

संक्षेप में जाने – बुलडोजर एक्शन पर Supreme Court ने 15 बिंदुओं की जारी की गाइडलाइंस…

बुधवार को जारी आदेश में कुल 15 प्वॉइंट्स का गाइडलाइंस जारी करते हुए Supreme Court ने बुलडोजर एक्शन पर रोक लगाने की बात कही है। कोर्ट ने उन्हीं अधिकारियों से मुआवजा को लेकर जुर्माना वसूलने की बात कही है।

अनुच्छेद 142 के तहत फैसला सुनाते हुए Supreme Court ने कहा है कि सभी राज्य बुलडोजर एक्शन को लेकर सर्कुलेशन जारी करे और अपने अधिकारियों को हिदायत दें और ऐसा न करना कोर्ट का अपमान होगा।

Supreme Court ने कहा कि आश्रय का अधिकार मौलिक अधिकार है और इसे कोई अधिकारी नहीं खत्म कर सकता है।

जस्टिस बीआर गवई की अध्यक्षता वाली बेंच ने फैसला सुनाते हुए कहा कि – ‘आरोपी व्यक्ति को दोषी ठहराने का अधिकार न तो राज्य के पास है और न ही कार्यपालिका के पास। …हम न्याय करने के लिए बैठे हैं। …बिना नियम अगर किसी का घर तोड़ा जाता है तो संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी’।

Saffrn

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