भिक्षावृत्ति मुक्त बिहार का संकल्प, संलिप्त व्यक्तियों के लिए सर्वेक्षण कार्य शुभारंभ

पटना : भिक्षावृत्ति मुक्त बिहार के संकल्प को साकार करने की इस कड़ी में शुक्रवार को समाज कल्याण विभाग के सभागार में ‘मुख्यमंत्री भिक्षावृत्ति निवारण योजना व स्माइल योजना‘ के अंतर्गत भिक्षावृत्ति में संलिप्त व्यक्तियों की अद्यतन गणना एवं पहचान सुनिश्चित करने के लिए सर्वेक्षण कार्य का शुभारंभ किया गया। राज्य के सभी 38 जिलों में सर्वेक्षण किया जाएगा। यह सर्वेक्षण एक माह की अवधि में संपन्न किया जाएगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता सचिव समाज कल्याण विभाग-सह-अध्यक्ष कार्यकारिणी समिति सक्षम, बन्दना प्रेयषी द्वारा की गई

कार्यक्रम की अध्यक्षता सचिव समाज कल्याण विभाग-सह-अध्यक्ष कार्यकारिणी समिति सक्षम बन्दना प्रेयषी द्वारा की गई। सचिव ने अपने संबोधन में कहा कि सटीक एवं अद्यतन आंकड़ा संग्रह अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि भिक्षावृत्ति से जुड़े व्यक्तियों की वास्तविक संख्या क्या है और उनके पुनर्वास के योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किस प्रकार किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि सर्वेक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि विभाग की ओर से पूर्ण सहयोग प्रदान किया जाएगा।

जिलों में चयनित सर्वेक्षकों को मिलेगा प्रशिक्षण

मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी योगेश कुमार सागर ने सर्वेक्षण की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह सर्वेक्षण कार्य नगर निगम, नगर परिषद व नगर पंचायत क्षेत्रों के सार्वजनिक स्थलों जैसे मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, रेलवे स्टेशन, बस पड़ाव व प्रमुख चौक-चौराहों पर किया जाएगा। सर्वेक्षण का आंकड़ा मोबाइल ऐप एवं हार्ड कॉपी दोनों माध्यमों से संकलित किया जाएगा। इसके लिए जिलों में चयनित सर्वेक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।

सर्वेक्षण कार्य सहायक निदेशक, जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग के निर्देशन में किया जाएगा – मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी योगेश कुमार सागर

उन्होंने बताया कि सर्वेक्षण कार्य सहायक निदेशक, जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग के निर्देशन में किया जाएगा व जिला प्रबंधक, जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई द्वारा आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा। सर्वेक्षित आंकड़ा के आधार पर भिक्षावृत्ति में संलिप्त महिला, पुरुष, बच्चे एवं ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को चिन्हित कर उन्हें सरकार के विभिन्न योजनाओं से आच्छादित किया जाएगा और पुनर्वास एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। कार्यक्रम में सभी जिलों के सहायक निदेशक जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग, जिला प्रबंधक, बुनियाद केंद्र, सर्वेक्षक और सक्षम के पदाधिकारी/कर्मी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

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