पूर्व जिला पार्षद की हत्या पर तेजस्वी यादव ने मंत्री लेसी सिंह का मांगा इस्तीफा, कहा- बिहार में महाजंगलराज

बिहार में प्रशासनिक अराजकता

पटना : बिहार में लगातार खराब हो रहे कानून व्यवस्था को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार को एक बार फिर से निशाने पर लिया है. तेजस्वी यादव ने पूर्णिया में पूर्व जिला पार्षद की हत्या पर मंत्री लेसी सिंह से इस्तीफे की मांग की है.

मीडिया को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि पूर्णिया में नवनिर्वाचित जिला पार्षद के पति रिंटू सिंह की नीतीश सरकार की मंत्री के भतीजे ने खुलेआम हत्या करवा दी. लेकिन नीतीश कुमार हरकत में आने के बजाय कान में तेल डालकर दूसरी ओर देखने का ढोंग कर रहे हैं. विश्वजीत उर्फ़ रिंटू सिंह पुलिस को मंत्री लेसी सिंह और उसके भतीजे से अपने जान के खतरे को लेकर लिखित रूप में आवेदन दे चुके थे. पर नीतीश कुमार की पुलिस ने ना तो एफआईआर दर्ज किया और ना ही उन्हें सुरक्षा प्रदान की.

अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हैं सीएम नीतीश कुमार

16 साल सत्ता में रहने के बाद भी नीतीश कुमार को यह बात समझ में नहीं आई है कि लोकतंत्र में नागरिक सेवा, सुरक्षा और विकास कार्यों के लिए सरकार चुनती है, हर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए सत्ता सुख भोगने के लिए नहीं. नीतीश कुमार को राजद शासनकाल और उनके 15 वर्षों के अपराध के आंकड़ों का तुलनात्मक अध्ययन करना चाहिए. इससे उनके भ्रम दूर होने के साथ-साथ मन, दिल और दिमाग़ के कपाट खुल जाएंगे. मैंने अनेक बार विधानसभा में सबूत सहित आंकड़े पेश किए हैं, लेकिन उन्होंने कभी भी गृहमंत्री के नाते उन्होंने मेरे सवालों का जवाब नहीं दिया. क्योंकि उनके पास जवाब है ही नहीं.

तेजस्वी ने गिनाये हत्या के आंकड़े

मधुबनी के फ्रीलांस पत्रकार व आरटीआई एक्टिविस्ट अविनाश झा की भी दो दिन लापता रहने के बाद संदिग्ध हालत में लाश मिली है. सभी का मानना है कि अस्पताल माफिया के विरुद्ध आवाज उठाने पर सरकार में बैठे लोगों ने उनकी हत्या करवाई है. 4 दिन पहले शिवहर में बिहार के पूर्व मंत्री रघुनाथ झा के भतीजे नवीन झा की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई. यहां जब रसूखदार और सत्ता के क़रीबी सुरक्षित नहीं हैं तो सरकार की नीतियों का विरोध करने वाले और आम आदमी कहां से सुरक्षित रहेंगे?

चंद दिन पूर्व मोतिहारी में पुलिस हिरासत में एक छात्रा की मौत हुई. जेडीयू पुलिस के पास कोई जवाब नहीं. छठ पूजा के दिन मुख्यमंत्री के आंगन नालंदा में 23 वर्षीय युवती के साथ गैंग रेप किया गया. जदयू के बाल्मीकिनगर से विधायक धीरेंद्र प्रताप सिंह ने जिला पार्षद दयानंद वर्मा की बीच बाज़ार गोली मारकर हत्या करवा दिया. उनकी पत्नी न्याय के लिए जगह जगह भटक रही है. पर न्याय मिलेगा कैसे, जब मुख्यमंत्री खुद ही न्याय के ऊपर फन निकाले कुंडली मारकर बैठे हैं. गौरतलब है कि स्वर्गीय दयानंद वर्मा की पत्नी कुमुद वर्मा मुख्यमंत्री के तथाकथित जनता दरबार भी आईं, पर नीतीश कुमार की धूर्तबाजी के कारण उन्हें कभी न्याय मिलेगा?

नीतीश कुमार के कुचायकोट के विधायक अमरेंद्र पांडे उर्फ़ पप्पू पांडे अपने भाई और भतीजे के साथ मिलकर सौ से अधिक हत्याएं करवा चुका है. हाल में गोपालगंज ट्रिपल मर्डर कांड और रामाश्रय कुशवाहा हत्याकांड खासे चर्चा में रहे पर नीतीश सरकार ने बड़ी बेहयाई और निर्दयता से वहां भी अपने हिस्ट्रीशीटर विधायक को संरक्षण दिए हुए हैं.

मधुबनी हत्याकांड कौन भूल सकता है जब कथित रूप से विनोद नारायण झा और रावण सेना के गुर्गों ने मिलकर होली के दिन एक ही परिवार के पाँच लोगों की काट काटकर और फिर गोली चलाते हुए हत्या कर दी. पटना के गुप्ता ब्रदर्स के अपहरण की बात तो पटना की ही है। लापता गुप्ता बंधुओं की कहीं कोई खबर नहीं है. विगत एक वर्ष में वैश्य समाज के 500 से अधिक व्यवसायियों की हत्या हुई है. ज़हरीली शराब से विगत 15 दिनों में 65 से अधिक लोगों की मौत हुई है.

जब मुख्यमंत्री का अपने खूनी विधायकों और मंत्रियों पर नियंत्रण नहीं है तो अपराधियों, आपराधिक प्रवृत्ति वाली बिहार पुलिस और शराब माफिया पर कहाँ से नियंत्रण होगा. जिस ‘गड़बड़ लोग’ की नीतीश कुमार बात करते रहते हैं वो सब का सब तो उनकी पार्टी, सरकार, गठबंधन और प्रशासन में ही बैठा है.

उन्होंने कहा कि और जिस ‘गड़बड़ चीज’ की नीतीश कुमार बात करते हैं उसको बढ़ावा देनेवाली, उससे कमानेवाली तो उन्हीं के नीचे काम करनेवाली बिहार पुलिस, उनकी सरकार में बैठे लोग, उनके पार्टी और गठबंधन के नेता हैं. नीतीश कुमार अच्छे से जानते हैं कि अगर एक-एक अपराधी और सत्ता संरक्षित माफिया को ईमानदारी से पकड़ने लगेंगे तो एनडीए के लगभग सभी नेता, विधायक, मंत्री और स्वयं वो खुद जेल में मिलेंगे. पूरी सरकार बेउर जेल से चलेगी. और हर विधानसभा सत्र में 5-6 बस भरकर इनके नेता और ये खुद सत्र में भाग लेने आएँगे.

ऐसा थका और अपराधियों से साँठ-गाँठ वाला, माफिया को संरक्षण देनेवाला, सुनियोजित भ्रष्टाचार से अपनी पार्टी चलानेवाला, खुद 76 घोटाले कर के उनपर लंबी तानकर सोनेवाला मुख्यमंत्री से बिहारवासी क्या उम्मीद लगाए हैं. ये आपका जीवन सुखद और विकासोन्मुख बनाएँगे. ये 16 साल से बिहार को देश में सबसे फ़िसड्डी बनाए हुए हैं और जबतक मुख्यमंत्री रहेंगे, फ़िसड्डी बनाए रखेंगे.

रिपोर्ट: रॉबिन

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