मोतिहारी : स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर करने के लिए लाख प्रयास किए जा रहे हो लेकिन अधिकारियों और कर्मचारियों की मनमानी के कारण अभी भी अस्पताल में कुव्यवस्था का आलम है। मरीजों को इलाज के लिए निजी अस्पताल के लिए बाहर भटकना पड़ रहा है। कुछ ऐसे ही तस्वीर मोतिहारी के चकिया अनुमंडल अस्पताल से आई है जहां पर हत्या हरपुर से आयी प्रसव पीड़िता मधु कुमारी का ड्यूटी पर महिला डॉक्टर के नहीं रहने से इलाज नहीं हो सका। वहीं एएनएम ने किसी तरह इलाज किया और हीमोग्लोबिन कम होने खून नहीं मिलने के कारण मरीज को बाहर लौटना पड़ा।
आशा कार्यकर्ता सीमा कुमारी ने कहा- अभी महिला डॉक्टर नहीं है
बताया गया कि डॉक्टर महिला डॉक्टर के नहीं रहने और हीमोग्लोबिन कम होने खून नहीं मिलने से पीड़ित को अधूरा इलाज के ही मोतिहारी रेफर कर दिया गया। नीतीश सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए लाखों करोड़ों रुपए की राशि खर्च कर रही है। लेकिन जिस तरह से डॉक्टर और कर्मचारियों की मनमानी सामने आ रही है। इससे यह अंदाजा लगाया सकता है कि अभी भी स्वास्थ्य व्यवस्था पटरी पर नहीं आई है। वहीं प्रसव पीड़ित को लेकर आई आशा कार्यकर्ता सीमा कुमारी ने कहा कि अभी महिला डॉक्टर नहीं है। एएनएम ही प्रसव पीड़ित महिला का इलाज करती हैं। लेकिन खून की कमी होने का हवाला देकर मोतिहारी रेफर कर दिया गया है।

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सोहराब आलम की रिपोर्ट
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