CUJ के तीन प्रोफेसरों को विश्व के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों में मिला स्थान

Ranchi : सीयूजे (CUJ) के तीन प्रोफेसरों, डॉ भास्कर सिंह, डॉ सचिन कुमार और डॉ अर्णब शंकर भट्टाचार्य, को विश्व के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों में स्थान दिया गया। हर वर्ष स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालयों के शोधकर्ताओं द्वारा यह रिपोर्ट तैयार किया जाता है और एल्सेवियर द्वारा यह सूची प्रकाशित की जाती है। 19 सितंबर 2025 को एल्सेवियर द्वारा प्रकाशित सूची के अनुसार डॉ भास्कर सिंह लगातार पांचवें वर्ष, ऊर्जा (Energy) और बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में, डॉ सचिन कुमार लगातार तीसरे वर्ष ऊर्जा (Energy) और पर्यावरण के क्षेत्र में, और डॉ अर्णब शंकर भट्टाचार्य ने पहली बार एप्लाइड फिजिक्स और मटेरियल साइंस क्षेत्र में इस सूची में स्थान बनाया है। यह सूची किसी एकल वर्ष उनके काम के प्रभाव के आधार पर बनाई गई है।

स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं की रिपोर्ट के आधार पर एल्सेवियर द्वारा प्रकाशित किया जाता है

डॉ. भास्कर सिंह बायोडीजल विकास के विभिन्न पहलुओं के क्षेत्र में काम करते हैं और अन्य समकालीन पर्यावरणीय मुद्दों को संबोधित करते हैं। स्कोपस डेटा के अनुसार, डॉ. भास्कर सिंह के 110 अनुसंधान प्रकाशन हैं जिनमें 6535 उद्धरण (साईटेशन) हैं और उनके लेखों का वर्तमान एच-इंडेक्स ’39’ है। डॉ. सचिन कुमार अपशिष्ट मूल्य निर्धारण के क्षेत्र में काम करते हैं और ऊर्जा से संबंधित अन्य मुद्दों की खोज करते हैं। स्कोपस डेटा के अनुसार,डॉ सचिन कुमार के 61 अनुसंधान प्रकाशन हैं जिनमें 2320 उद्धरण (साईटेशन) हैं और उनके लेखों का वर्तमान एच-इंडेक्स ’22’ है।

डॉ. अर्णब शंकर भट्टाचार्य नैनोस्ट्रक्चर्ड थिन फिल्म्स, कोटिंग्स, नैनोइंडेंटेशन अध्ययन, सरफेस इंजीनियरिंग, कम्प्यूटेशनल मॉडलिंग और ऊर्जा/बायोमेडिकल सामग्रियों के क्षेत्र में व्यापक रूप से कार्यरत हैं। स्कोपस के आंकड़ों के अनुसार, डॉ अर्णब शंकर भट्टाचार्य के 67 प्रकाशन हैं जिनमें 700 उद्धरण (साईटेशन) हैं और उनके लेखों का वर्तमान एच-इंडेक्स ’16’ है।

डॉ भास्कर सिंह लगातार पांचवें वर्ष, डॉ सचिन कुमार लगातार तीसरे वर्ष और डॉ अर्णब शंकर भट्टाचार्य ने पहली बार इस सूची में स्थान बनाया है

कुलपति प्रो क्षिति भूषण दास ने तीनों शोधकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा है कि तीनों के द्वारा पर्यावरण, ऊर्जा और मटेरियल साइंस के क्षेत्र में विश्वस्तरीय सराहनीय कार्य किया गया है। इन तीनों शोधकर्ताओं ने झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय का नाम पूरे विश्व में रोशन किया है जो विश्वविद्यालय परिवार के लिए गौरव की बात है। उन्होंने आगे कहा कि पिछले कुछ वर्षों में विश्वविद्यालय में शोध को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए काफी कार्य किया गया है जिसकी सफलता लगातार दिखाई दे रही है।

प्रो. अरुण कुमार पाढ़ी, डीन शोध एवं विकास ने भी सभी को बधाई दी और इस सूची के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि स्टैनफोर्ड – एल्सेवियर रिपोर्ट के अनुसार,100000 से अधिक शीर्ष-वैज्ञानिकों का सार्वजनिक रूप से उपलब्ध डेटाबेस बनाया गया है। शीर्ष 2% वैज्ञानिकों के लिए दो सूचियां तैयार की गई हैं। विज्ञान-मेट्रिक्स मानक के वर्गीकरण के अनुसार वैज्ञानिकों को 22 वैज्ञानिक क्षेत्रों और 174 उप-क्षेत्रों में वर्गीकृत किया गया है। पहली सूची करियर के लंबे आंकड़ों पर आधारित है और दूसरी सूची एक साल के प्रभाव पर आधारित है। ‘ऊर्जा (उप-क्षेत्र-1)’ और ‘जैव प्रौद्योगिकी (उप-क्षेत्र-2)’ विषय में लगातार पांचवे वर्ष, दूसरी सूची में डॉ. भास्कर सिंह का नाम है। डॉ. सचिन कुमार ‘ऊर्जा (उप-क्षेत्र-1)’ और ‘पर्यावरण (उप-क्षेत्र-2)’ विषय में एकल वर्ष प्रभाव सूची में तीसरी बार अपना स्थान बनाया है। डॉ. अर्णब शंकर भट्टाचार्य का नाम ‘अनुप्रयुक्त भौतिकी (उप-क्षेत्र-1)’ और ‘ सामग्री (उप-क्षेत्र-2)’ विषय में एकल वर्ष प्रभाव सूची में पहली बार आया है।

डॉ. भास्कर सिंह, झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय, रांची के पर्यावरण विज्ञान विभाग के अध्यक्ष और एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं। डॉ. सचिन कुमार, ऊर्जा अभियांत्रिकी विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्य करते हैं और डॉ. अर्णब शंकर भट्टाचार्य, धातुकर्म और सामग्री अभियांत्रिकी में सहायक प्रोफेसर के रूप में अपनी सेवा दे रहे हैं।

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