Dhanbad: झरिया के चासनाला डीप माइंस खदान हादसे की 50वीं बरसी पर शनिवार को 375 शहीद श्रमिकों को नम आंखों से श्रद्धांजलि दी गई। चासनाला साउथ कॉलोनी स्थित शहीद स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम में दोपहर करीब 1:35 बजे आपातकालीन सायरन बजते ही पूरा माहौल गमगीन हो उठा और उपस्थित लोग उस हृदयविदारक हादसे को याद कर भावुक हो गए।
दो मिनट का मौन, सर्वधर्म प्रार्थना सभा:
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान सर्वधर्म प्रार्थना सभा आयोजित की गई, जिसमें दो मिनट का मौन रखकर शहीद श्रमिकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। शहीद श्रमिकों के परिजनों ने सबसे पहले शहीद बेदी पर पूजा-अर्चना, मोमबत्ती व दीया जलाकर और नारियल फोड़कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
इसके बाद सेल (SAIL) के अधिकारी, श्रमिक यूनियन के नेता और जनप्रतिनिधियों ने बारी-बारी से श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए प्रबंधन और मृत श्रमिकों के परिजनों की संयुक्त कमेटी गठित की गई थी, जिसकी देखरेख में पूरा कार्यक्रम संपन्न हुआ।
चारों धर्मों के गुरुओं ने की प्रार्थना:
मौके पर चारों धर्मों के धर्मगुरुओं ने मंत्रोच्चारण कर शहीदों की आत्मा की शांति की कामना की। श्रद्धांजलि सभा में सेल कार्यपालक निदेशक विनीत कुमार राउत, मुख्य महाप्रबंधक (कार्मिक) संजय तिवारी, झरिया विधायक रागिनी सिंह, पूर्व विधायक संजीव सिंह, धनबाद विधायक राज सिन्हा, सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो उर्फ बबलू महतो, भाजपा नेत्री तारा देवी, जनता श्रमिक संघ के सचिव साजन सिंह, श्रमिक नेता सुंदरलाल महतो, अजित महतो, डेविड सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
चित्रकला प्रदर्शनी और सम्मान समारोह:
हादसे की याद में चित्रकला प्रदर्शनी का आयोजन भी किया गया, जिसमें खान दुर्घटना से जुड़ी विभिन्न कलाकृतियां प्रदर्शित की गईं। बेहतर चित्रकला प्रस्तुत करने वाले छात्रों को सम्मानित किया गया। इसके अलावा शहीदों की स्मृति में महाप्रसाद खिचड़ी भोग का वितरण भी किया गया।
बीसीसीएल सीएमडी और जनप्रतिनिधियों का संदेश:
बीसीसीएल के सीएमडी मनोज अग्रवाल ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद है और आज भी लोगों के जहन में ताजा है। उन्होंने कहा कि कंपनी का उद्देश्य है कि एक छटाक कोयला का उत्पादन भी किसी की एक बूंद खून की कीमत पर न हो और पूरी सुरक्षा के साथ कार्य किया जाए।
वहीं, सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो, झरिया विधायक रागिनी सिंह और पूर्व विधायक संजीव सिंह ने कहा कि इस घटना से सीख लेने की जरूरत है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने प्रबंधन से अपील की कि सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, ताकि किसी मां, बहन या बेटी का संसार उजड़ने से बच सके।
रिपोर्टः मनोज शर्मा
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