रांची: गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे का किला कौन ढहाएगा ये बड़ा सवाल है. पिछले लोकसभा चुनाव में बाबूलाल की पार्टी जेवीएम की ओर से प्रदीप यादव ने निशिकांत दुबे को कड़ी टक्कर दी थी.
इस बार राजनीतिक हालात बदल गए हैं. और बाबूलाल मरांडी बीजेपी के अध्यक्ष बन गए हैं. नई परिस्थिति में विपक्षी गठबंधन की ओर से गोड्डा में निशिकांत दुबे के खिलाफ दीपिका पांडे के खड़े होने की संभावना जताई जा रही है.
इस मामले में गोड्डा के अन्य लोगों का कहना है कि दीपिका पांडे एक अच्छी लीडर हैं और गोड्डा के शहरी क्षेत्रों में उनकी पकड़ है इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता, लेकिन पिछले लोकसभा के दो टर्म में निशिकांत दुबे ने ग्रामीण क्षेत्रों में अच्छी पकड़ बना ली है, शहरी क्षेत्रों में निशिकांत दुबे पहले ही मजबूत स्थिति में हैं.
इस परिस्थिति में दीपिका पांडे निशिकांत दुबे से पिछड़ती नजर आ रही है. इस संबंध में स्थानीय कांग्रेस नेताओं का कहना है कि लोकसभा और विधानसभा में परिस्थितियां अलग होती है.
अगर दीपिका पांडे चुनाव लड़ती हैं तो निशिकांत दुबे के खिलाफ जनता जरुर वोट करेगी. दूसरी तरफ निशिकांत दुबे ने चुनाव की तैयारियां शुरु कर दी है.
निशिकांत दुबे ने इसी को ध्यान में रखते हुए बाबा बागेश्वर का कार्यक्रम देवघर में करवाया है. अब देखना है कि गोड्डा की जनता लगातार तीन बार से लोकसभा चुनाव जीत रहे निशिकांत दुबे को चौथा मौका देती है या कांग्रेस प्रत्याशी को मौका देती है.


