रांची: झारखंड में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। मौसम विभाग ने 30 अप्रैल से तीन मई तक राज्यभर में मेघ गर्जन, वज्रपात, तेज हवा और बारिश की संभावना जताई है। इसके मद्देनजर पूरे राज्य में येलो अलर्ट जारी कर दिया गया है। चार मई से आसमान में बादल छाये रहने की भी संभावना है।
इस बीच, मंगलवार को राज्य के कई इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि से लोगों की परेशानी बढ़ गई। सिमडेगा में पांच मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि पूर्वी सिंहभूम के चकुलिया में बीते 24 घंटे में सबसे अधिक 52.4 मिमी वर्षा हुई। वहीं, गुमला के पालकोट प्रखंड के बधिमा पंचायत में वज्रपात की चपेट में आकर झोरा खड़िया और राजू खड़िया के दो मवेशियों की मौत हो गई, जबकि तीन जानवर घायल हो गए हैं।
फसलों को भारी नुकसान
चान्हो प्रखंड में मंगलवार को तेज बारिश और ओलावृष्टि से सब्जी की फसलें बर्बाद हो गईं। पतरातू, चारा, कुरगा, महुआटोली पाटुक और पतरा आरा समेत कई गांवों में किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया। पतरातू के अमरनाथ महतो और भानु महतो ने बताया कि शाम पांच बजे के आसपास पांच से दस मिनट तक हुई ओलावृष्टि ने सबसे ज्यादा नुकसान फूलगोभी की फसल को पहुंचाया। इसके अलावा शिमला मिर्च, हरी मिर्च और करेला की खेती भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है।
तापमान में गिरावट दर्ज
बारिश और मौसम में बदलाव के कारण राज्यभर में तापमान में गिरावट आई है। मंगलवार को सभी जिलों का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया। सबसे अधिक तापमान मेदिनीनगर में 37.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 3.5 डिग्री कम है। वहीं, रांची में अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से क्रमशः 3.7 डिग्री और 4 डिग्री कम है।
किसानों को मुआवजे की मांग
बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए भारी नुकसान के बाद किसान सरकार से राहत और मुआवजे की मांग कर रहे हैं। कई इलाकों में प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है।







