पाकुड़ः झारखंड में संचालित फ्री इमरजेंसी सेवा 108 एम्बुलेंस के ड्राइवर व ईएमटी को पिछले 4 महीने से वेतन नहीं मिलने पर अब उन्हें भूखमरी की स्थिति पैदा होने लगी है. यह सभी कर्मी पिछले 5 सालों से जिकित्जा हेल्थ केयर लिमिटेड कंपनी के माध्यम से मरीजों को सेवा देते आ रहे हैं. यह सभी दिन और रात में इमरजेंसी मरीज को 108 एंबुलेंस का माध्यम से अस्पताल पंहुचाते हैं. लेकिन इन्हें पिछले 4 महीने से वेतन नहीं मिला है. जिससे इन कर्मियों को अपनी परिवार का भरण पोषण करने मे समस्या उत्पन्न हो गई है. जानकारी के अनुसार 108 एम्बुलेंस सर्विस के टेंडर जीबीके नामक कंपनी दी गई है. अब इन्हें अपनी नौकरी का भी डर सताने लगा है. जिसको लेकर सभी सिविल सर्जन के पास पहुंचे और नौकरी से नहीं हटाने की गुहार लगाई.
सिविल सर्जन ने दिया आश्वासन
सिविल सर्जन डॉ मंटू टेकरीवाल ने जीवीके कंपनी के अधिकारियों से बात की और इन सभी कर्मी को नहीं हटाने को कहा. वहीं सिविल सर्जन ने कहा की जीबीके कंपनी के अधिकारी से बात हुई उन्होंने आश्वस्त किया है कि किसी कर्मी नहीं हटाया जाएगा. फिलहाल वेतन को लेकर 108 के कर्मी हड़ताल पर है. जिससे 108 एम्बुलेंस की पहिया रूक जाने से मरीज को अस्पताल ले जाने मे काफी समस्या उत्पन्न हो जाएगी.


