रांची: माकपा नेता सुभाष मुंडा की हत्या के बाद, बुधवार की रात को लोग सड़कों पर उत्पात मचाते रहे। रांची डीआईजी और एसएसपी ने मोर्चा संभालने के बाद, लगभग 100 जवानों की मदद से भीड़ पर काबू किया गया।

माकपा नेता सुभाष मुंडा की हत्या
हत्या के विरोध में भीड़ ने बवाल मचाया, दुकानों को आग लगाई और वाहनों को तोड़फोड़ किया। आदिवासी संगठनों ने इसे देखते हुए रांची बंद का ऐलान किया गया है। पुलिस ने इस पर सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ा दिया है।
रांची डीआईजी और एसएसपी के पहुंचने के बाद, भीड़ का गुस्सा कुछ शांत हो गया। एसएसपी और डीआईजी ने लोगों को समझाया कि अपराधी जल्द पकड़े जाएंगे, उसके लिए टीम काम कर रही है।
सुभाष मुंडा की मौत के बाद परिवार की मांग पर मेडिकल बोर्ड का गठन कर रात को ही पोस्टमार्टम रांची के रिम्स अस्पताल में करवाया गया।
दलादली चौक के पास बेखौफ अपराधियों ने रांची में माकपा राज्य कमेटी के सदस्य सुभाष मुंडा को गोलियों से भून डाला। अपराधियों ने सुभाष पर सात से आठ गोलियां चलाई, जिससे उनकी मौत हो गई।
इस वारदात को चार की संख्या में आए नकाबपोश अपराधियों ने उस समय अंजाम दिया जब सुभाष अपने छोटे भाई अमित मुंडा और कार्यकर्ताओं के साथ अपने कार्यालय में बैठे हुए थे।
घटना बुधवार रात आठ बजे की है। सुभाष मुंडा माकपा राज्य कमेटी के सदस्य थे और दलादली चौक बगीचा टोली निवासी थे। उन्होंने मांडर और हटिया विधानसभा से चुनाव भी लड़ा था।
सुभाष की हत्या के बाद आक्रोशित लोग सड़कों पर उतरे, दलादली चौक को जाम कर दिया। भीड़ ने दो दर्जन से अधिक वाहनों में तोड़फोड़ की, शराब दुकानों समेत झुग्गी-झोपड़ियों को आग लगा दी।
पुलिस ने इस घटना को जांचने के लिए कार्रवाई की है और अपराधियों को गिरफ्तार करने के लिए तीम को बनाया है।
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