गिरिडीहः राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष हिमांशु शेखर चौधरी शनिवार को गिरिडीह पहुंचे और नगर भवन में जिले भर के मुखियाओं के साथ संवाद किया. कार्यक्रम की शुरुआत मौके पर उपस्थित अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर की गई. कार्यक्रम ग्रामीण इलाको में भोजन का अधिकार अधिनियम के तहत अनाज वितरण में मुखियाओं के भूमिका से जुड़ा था. लेकिन संवाद कार्यक्रम खत्म होते ही अध्यक्ष के सामने बगोदर की मुखिया प्रतिनिधि सरिता साहू ने जमकर हंगामा कर दिया. सरिता साहू ने आरोप लगाते हुए कहा की जिले की किसी महिला मुखिया को अपने सुझाव और शिकायत रखने तक मौका तक नहीं दिया गया. बगोदर की सरिता साहू समेत अन्य मुखिया को हंगमा करते देख आयोग के अध्यक्ष हिमांशु शेखर चौधरी और कई अधिकारी नगर भवन से निकलना उचित समझे.
लेकिन इससे पहले हुए संवाद कार्यक्रम में जिले भर के मुखियाओं ने अपने अपने पंचायतों में अनाज वितरण में राशन डीलर, एमओ और डोर स्टेप डिलीवरी कार्य में लगे ठेकेदारों की जमकर बखिया उधेड़ते हुए कहा की अक्सर उनके पंचायत में अनाज का आवंटन तो आता है. लेकिन वजन कम रहने के कारण लाभुको को भी अनाज तय मात्रा से कम मिलता है और शिकायत करने पर राशन डीलर कहते है उनके हाथ में कुछ भी नहीं है. बल्कि, एमओ और डोर स्टेप डिलीवरी के ठेकेदार ही अनाज की काला बजारी कर देते है. मुखियाओं ने आरोप लगाया कि राशन डीलर लाभुको के कार्ड में उनका कोटा चढ़ाने के बाद भी कोटा से कम अनाज वितरण कर उंगली स्कैन करा लेते हैं.
अलग अलग पंचायतों के मुखिया के शिकायत और सुझाव सुनने के बाद आयोग के अध्यक्ष हिमांशु शेखर चौधरी ने कई जानकारी देते हुए कहा कि भोजन का अधिकार अधिनियम के तहत किसी पंचायत में किसी की मौत भोजन के अभाव में होने के बाद 10 हजार की राशि उसके परिवार को देने का प्रावधान है. जिसे उसके परिवार को भोजन मिल सके और ये प्रावधान सिर्फ गिरिडीह के मुखिया को मिला है. क्योंकि राशि मुखिया को ही दिया जाना है. वैसे आज के दौर में भोजन के अभाव में किसी की मौत किसी समाज के लिए सही नही.
जब सरकार भोजन का अधिकार अधिनियम को लागू कराने में पंचायत स्तर पर मुखिया की भूमिका तय कर चुका है. ऐसे में मुखिया को इस एक्ट को लागू कराने को लेकर तत्पर रहना होगा. आयोग के अध्यक्ष हिमांशु शेखर चौधरी ने कहा की हर मुखिया अपने पंचायत के शिकायत को लिखित दर्ज कराए, हर हाल में सुनवाई होगा. क्योंकि अधिकारी चले जाएंगे, लेकिन मुखिया को उन्हे अपने पंचायत में ही रहना है. इधर मुखिया संवाद कार्यक्रम में खाद्य आयोग की सदस्य शबनम परवीन के साथ प्रोबेशन आईएएस दीपेश कुमारी, अपर समाहर्ता विलसन भेंगरा, डीआरडीए डायरेक्टर आलोक कुमार, मुखिया संघ के जिला अध्यक्ष भगीरथ मंडल समेत जिले भर के मुखिया शामिल हुए.
रिपोर्टः नमन नवनीत







