हजारीबागः हजारीबाग के शिक्षा अधीक्षक कार्यालय के द्वारा 12 करोड़ के पोशाक घोटाले मामले में प्राथमिक शिक्षा निदेशक नेहा अरोड़ा जांच के लिए आज हजारीबाग शिक्षा अधीक्षक कार्यालय पहुंची। बता दें कि उनकी टीम ने हजारीबाग के चूरचू स्थित सेल्फ हेल्प ग्रुप के द्वारा बनाई जा रही पोशाक के स्थल का निरीक्षण किया वहीं उनके मशीनों की जांच की।

टीम अपने साथ पोशाक की सैंपल ले गई
साथ ही साथ टीम अपने साथ पोशाक के सैंपल भी ले गई है। आपको बता दें कि 1 लाख 72 हजार छात्रों को पोशाक दी जानी थी जिसमें डीबीटी के माध्यम से भी योजना की जा सकती थी लेकिन उसका उपयोग न करके सेल्फ हेल्प ग्रुप के माध्यम से पोशाक बनवाई गई।
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इसके लिए पहले ही पैसे की निकासी कर ली गई जिसमें कुल 12 करोड़ रुपए का पोशाक घोटाला निकलकर आया है। टीम के द्वारा शिक्षा अधीक्षक संतोष कुमार से भी पूछताछ की जा रही है। इस पूरे मामले पर हजारीबाग की उपायुक्त नैंसी सहाय ने बताया कि हमारे टीम के द्वारा भी एक जांच कमेटी बनाई गई थी।
जांच के बाद अपने साथ सैंपल ले गई टीम

वहीं आज रांची से आई टीम भी इस पूरे मामले में जांच की है और कुछ सैंपल्स ले गई है। हमने हजारीबाग के चूरचू स्थित सेल्फ हेल्प ग्रुप और लोहरदगा स्थित सेल्फ हेल्प ग्रुप की महिलाओं से पोशाक का निर्माण कराया है।
उन्होंने यह भी बताया की डीबीटी के माध्यम से यह योजना की जा सकती थी लेकिन महिलाओं को सहयोग करने के उद्देश्य से यह योजना सेल्फ हेल्प ग्रुप को प्रदान की गई। इस पूरे मामले में अब देखना गौरतलब होगा कि इस पूरे खेल का पर्दाफाश टीम के द्वारा कब तक किया जाता है।







