रांचीः झारखंड हाई कोर्ट में जस्टिस एसएन पाठक की अदालत में बकाये वेतन की मांग को लेकर सत्यनारायण राम और अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई हुई .प्रार्थी की नियुक्ति 1987 से 1994 के बीच ग्रामीण कार्य विभाग में कार्यभारित स्थापना में हुई थी.
दिनांक 16.5.2005 को माननीय उच्च न्यायालय के फुल बेंच के आदेश से वादियों की नियुक्ति कार्यभारित स्थापना से नियमित स्थापना में कर दी गई. दिनांक 18.03.2021 को राज्य सरकार के वित्त विभाग का आदेश और दिनांक 16. 7. 2021 को ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा वादियों को नई पेंशन नियमावली 2004 के तहत सीपीएफ नंबर को एलॉट करवाने का निर्देश दिया. प्रार्थियों द्वारा सीपीएफ नंबर नहीं करवाने पर अगस्त माह से वेतन भुगतान पर रोक लगा दी गई.
बता दें कि सत्यनारायण राम गोदाम चौकीदार, शिव लखन सिंह रोड रोलर ड्राइवर और अमरेंद्र कुमार रोड रोलर खलासी के पद पर कार्यरत है.
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत कुमार और चंचल जैन ने कोर्ट को बताया की वादियों को नियमित स्थापना में समपरिवर्तित किया गया, ऐसे में उनको सेवा अवधि नियुक्ति तिथि से मानी जाएगी और विभाग ने नियुक्ति तिथि को मानते हुए वादियों को वित्तीय उन्नयन का लाभ दिया है. परंतु, पेंशन के संदर्भ में विभाग नियमितीकरण तिथि को नियुक्ति तिथि मान रहा है, यह सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है. कोर्ट ने सरकार को 8 हफ्तों के अंदर जवाब दाखिल करने और वादियों के वेतन को चालू करने को आदेश दिया है. मामले की अगली सुनवाई दो महीने के बाद होगी.
रिपोर्टः प्रोजेश
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