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Bihar SDG Conclave 2026: बिहार SDG कॉन्क्लेव-2026 का समापन, जिला योजना से SDGs जोड़कर विकसित बिहार @2047 पर जोर

Bihar SDG Conclave 2026: बिहार में सतत और समावेशी विकास को गति देने के उद्देश्य से आयोजित दो दिवसीय बिहार SDG कॉन्क्लेव-2026 का शुक्रवार को पटना के अधिवेशन भवन में समापन हुआ। “Accelerating Progress Towards Viksit Bihar @2047” विषय पर आयोजित कॉन्क्लेव में आर्थिक परिवर्तन, समावेशी विकास, जिला आधारित योजना, SDGs के स्थानीयकरण और विकसित बिहार @2047 की प्राथमिकताओं पर मंथन किया गया। कॉन्क्लेव के समापन पर SDGs को जिला योजना और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि विकास योजनाओं को परिणाम आधारित बनाने के साथ उनके प्रभाव की निगरानी SDG indicators के माध्यम से की जानी चाहिए।

बिहार के SDG Composite Score में सुधार

कॉन्क्लेव में बिहार की SDG यात्रा से जुड़े कई महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए गए। राज्य का SDG Composite Score 2018-19 में 48 से बढ़कर 2023-24 में 57 हो गया है। कुल 162 indicators में से 116 यानी 72 प्रतिशत indicators में सुधार दर्ज किया गया। वहीं बहुआयामी गरीबी में 18.13 प्रतिशत अंकों की कमी आई है। आंकड़ों के अनुसार करीब 2.25 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर आए हैं। SDG-6 में बिहार ने 98 अंक हासिल किए हैं और देश में तीसरे स्थान पर रहा है। SDG-9 में भी राज्य के प्रदर्शन में 29 अंकों का सुधार दर्ज किया गया।

38 जिलों के लिए तैयार किया गया District SDG Index

कॉन्क्लेव में जिला आधारित विकास और स्थानीय स्तर पर SDGs के अनुश्रवण को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया। योजना एवं विकास विभाग ने 38 जिलों के लिए 86 indicators और 13 SDGs के आधार पर District SDG Index तैयार किया है। इस इंडेक्स के जरिए जिलों की Strengths और Priority Gaps की पहचान की जाएगी। इससे जिलों में Evidence-Based Planning को बढ़ावा देने और स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास योजनाएं तैयार करने में मदद मिलेगी। पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार और मधुबनी के जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने जिला आधारित विकास तथा Integrated District Planning से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार और डॉ. एस. सिद्धार्थ ने SDG Localization और तकनीक के उपयोग पर विचार रखे।

समय और तकनीक के अनुसार बदलाव जरूरी: उपमुख्यमंत्री

समापन सत्र को संबोधित करते हुए बिहार के उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने राज्य की प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बिहार ने वित्तीय क्षेत्र में अच्छा काम किया है, लेकिन विकास के लिए संसाधनों के अपव्यय को नियंत्रित करना और प्रत्येक खर्च को परिणामदायी बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि समय के साथ जरूरतें बदलती हैं, इसलिए तकनीक और बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यप्रणाली में भी बदलाव करना होगा। विकास एक सतत प्रक्रिया है और इसके लिए उचित व्यय, नई तकनीक तथा संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल पर ध्यान देना जरूरी है। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार मौसम सेवा केंद्रों के क्षेत्र में अग्रणी है। पंचायत स्तर तक मौसम पूर्वानुमान उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

योजनाओं के Implementation Framework में शामिल हो SDG Focus

योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयालक्ष्मी ने कहा कि कॉन्क्लेव में विकास के सभी प्रमुख क्षेत्रों पर व्यापक चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि SDGs को District Planning Framework से जोड़ना कॉन्क्लेव के महत्वपूर्ण परिणामों में शामिल है। उन्होंने कहा कि बिहार कुछ indicators में Front Runner है, जबकि कुछ क्षेत्रों में अभी सुधार की जरूरत है। इसलिए प्रत्येक indicator पर लगातार काम करने की आवश्यकता है। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि SDGs कोई अलग या बाहरी विषय नहीं हैं। सरकार की ओर से प्रतिदिन किए जाने वाले विकास कार्य ही SDGs की दिशा में किए जा रहे प्रयास हैं। आवश्यकता है कि विभिन्न योजनाओं के Implementation Framework में SDG Focus को शामिल किया जाए और परिणामों को indicators के माध्यम से मापा जाए। उन्होंने कहा कि बिहार के विकास के बिना भारत की विकास यात्रा को पूरी गति नहीं दी जा सकती।

विकसित बिहार @2047 के लिए साझा कार्यदृष्टि पर जोर

दो दिवसीय कॉन्क्लेव के दौरान आर्थिक परिवर्तन, समावेशी विकास, मानव विकास, जिला आधारित योजना, SDG Localization, तकनीक और प्रभावी डेटा उपयोग जैसे विषयों पर चर्चा हुई। समापन पर यह स्पष्ट किया गया कि SDG 2030 को विकसित बिहार @2047 की दीर्घकालिक विकास यात्रा से जोड़ना होगा। इसके लिए जिला योजना, विभागीय अभिसरण, संसाधनों के प्रभावी उपयोग, तकनीक और परिणाम आधारित अनुश्रवण को मजबूत करने की जरूरत है। कॉन्क्लेव में नीति आयोग के सदस्य डॉ. के.वी. राजू, वित्त विभाग की सचिव रचना पाटिल, यूनिसेफ की प्रतिनिधि क्रिस्टिना पोपिवानोवा सहित केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, विशेषज्ञ तथा विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कॉन्क्लेव से प्राप्त सुझावों के आधार पर बिहार में SDGs की प्रगति और विकसित बिहार @2047 की विकास रणनीति को आगे और मजबूत करने की दिशा में काम किया जाएगा।

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