डिजीटल डेस्क : Delhi Tragedy – बिना अनुमति के आईएएस कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में चल रही थी लाइब्रेरी, कोचिंग सेटंर के मालिक और कोआर्डिनेटर गिरफ्तार। शनिवार रात मध्य दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित राव आईएएस स्टडी सेंटर के बेसमेंट स्थित लाइब्रेरी अचानक पानी भरने से तीन छात्रों की मौत के मामले में नया तथ्य सामने आया है। बेसमेंट में लाइब्रेरी अवैध थी। यह तथ्य पुष्ट होते ही दिल्ली पुलिस ने कोचिंग सेंटर के मालिक अभिषेक गुप्ता और कोऑर्डिनेटर देशपाल को गिरफ्तार कर लिया है। बीएनएस की धारा 105,106(1),152,290 और 35 के तहत दर्ज मामला दर्ज किया गया है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, कोचिंग सेंटर का प्रबंधन और सिविक एजेंसी के लोग भी जांच के दायरे में हैं एवं पड़ताल जारी है। दिल्ली में बेसमेंट में चलने वाली सभी लाइब्रेरी को बंद करने का आदेश दिया गया है एवं हादसे वाले कोचिंग सेंटर के पास आरएएफ तैनात कर दी गई है। दिल्ली सरकार ने हादसे की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। मुख्य सचिव को घटना पर जांच शुरू करने और 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
मेयर बोलीं – अवैध रूप से चल रही बेसमेंट में लाइब्रेरी
आईएएस कोचिंग सेंटर हादसे पर दिल्ली की मेयर शैली ओबेरॉय ने कहा जिस बिल्डिंग में यह हादसा हुआ, उसका कंप्लीशन सर्टिफिकेट 2021 में मिला था। उसमें भी साफ लिखा है कि बेसमेंट में बस पार्किंग और स्टोरेज हो सकता है लेकिन बेसमेंट में अवैध रूप से लाइब्रेरी चल रही थी। बेसमेंट में अवैध तरीके के कोचिंग सेंटर चल रहे थे जबकि उसकी इजाजत नहीं थी। जिस बेसमेंट में घटना घटी, उसका इस्तेमाल स्टोरेज पर्पज के लिए था लेकिन वहां लाइब्रेरी बना दी गई थी। फायर एनओसी के मुताबिक, एक बेसमेंट को स्टोरेज बनाने की इजाजत दी गई थी। दूसरे को पार्किंग के तौर पर इस्तेमाल करना था जबकि बेसमेंट में लाइब्रेरी बनाई गई थी। साफ है कि लाइब्रेरी बनाकर नियमों का उलंघन किया गया।
मेयर ने एमसीडी कमिश्नर को कार्रवाई के लिए लिखा पत्र, मरने वाले छात्रों की हुई शिनाख्त
राजेंद्र नगर कोचिंग सेंटर हादसे पर दिल्ली की मेयर शैली ओबेरॉय ने कहा कि बहुत ही दुखद घटना हुई है। जैसे ही घटना की जानकारी मिली तो वह तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं। वहां पर एनडीआरएफ की टीम बचाव अभियान कर रही थी। दुख की बात है कि इस घटना में तीन बच्चों की मौत हो गई। उन्होंने एमसीडी के कमिश्नर को एक पत्र लिखा है जिसमें कहा है कि एमसीडी के अधिकार क्षेत्र में जो संस्थान आते हैं और वहां पर गैरकानूनी तरीके से बेसमेंट में जो कोचिंग सेंटर चल रहे हैं, उस पर सख्त कार्रवाई की जाए। इस मामले में अगर एमसीडी के अधिकारी शामिल हैं तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई हो। अगर ऐसे गैर कानूनी तरीके से कोचिंग सेंटर चल रहे हैं तो उस पर कार्रवाई होगी और अधिकारी पर भी कार्रवाई होगी। मेयर शैली ने आगे कहा कि हादसे वाली बिल्डिंग के बेसमेंट में लाइब्रेरी अवैध रूप से चल रही थी। हादसे में मरने वाले अभ्यर्थियों की पहचान श्रेया, तान्या और नवीन के रूप में हुई है। श्रेया यूपी के अंबेडकरनगर की रहने वाली थी जबकि तान्या सोनी तेलंगाना की और मृतक छात्र नवीन डालविन केरल का रहने वाला था।

दिल्ली के कोचिंग सेंटर हादसे पर गरमाई सियासत
दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित राव आईएएस स्टडी सेंटर में हुए हादसे पर राजनीति शुरू हो चुकी है। आम आदमी पार्टी और भाजपा दोनों एक दूसरे पर आरोपी लगा रही हैं। राज्यसभा सांसद स्वाति मालवाल ने कहा कि अभी राजेंद्र नगर में यूपीएससी के छात्रों से मुलाकात की। सबने बहुत अच्छे से मुझसे बात की और अपनी जायज पीड़ा बताई। उनके मन में बहुत गुस्सा है कि अभी तक दिल्ली सरकार के मंत्री और मेयर उनसे मिलने नहीं आये। इनका ग़ुस्सा बिलकुल जायज है क्योंकि ये आपदा नहीं मर्डर है। बेशर्मी देखिए अभी भी जवाबदेही की जगह, विधायक और पार्षद कुछ वॉलंटियर्स को छात्रों के बीच में भेज कर मेरे खिलाफ़ नारे लगवाने में दिमाग चला रहे हैं। ये इसलिए क्योंकि मैं मांग कर रही हूं कि इनके खिलाफ भी एफआईआर होनी चाहिए। तुरंत मंत्री और मेयर को अपने आलीशान घर और एसी कमरों से निकल के इन बच्चों से आके माफी मांगनी चाहिए। परिवारों को एक-एक करोड़ की सहयोग राशि देनी चाहिये। मैं संसद में छात्रों के इंसाफ की आवाज जरूर उठाऊंगी।
दूसरी ओर, दिल्ली की मंत्री आतिशी ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि मेयर और स्थानीय विधायक भी मौके पर हैं। हर मिनट घटना की खबर ली जा रही है। ये घटना कैसे घटी, इसकी मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए गए हैं। इस घटना के लिए जो भी जिम्मेदार है, उसको बख्शा नहीं जाएगा।
उधर, नई दिल्ली की संसद बांसुरी स्वराज के अलावा दिल्ली की मेयर शैली ओबेरॉय, विधायक दुर्गेश पाठक और भाजपा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा घटनास्थल पर पहुंचे । वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि जो हुआ वह त्रासदी नहीं बल्कि हत्या है। भाजपा का कहना है कि यह साफ तौर पर नालों की सफाई न होने के कारण हुई दुर्घटना है और नाले का पानी कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में बहुत तेजी घुसा। इस हादसे के लिए दिल्ली सरकार की आपराधिक लापरवाही जिम्मेदार है। जल बोर्ड मंत्री आतिशी और स्थानीय विधायक दुर्गेश पाठक को जिम्मेदारी लेनी चाहिए और इस्तीफा देना चाहिए।







