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नालंदा: मानसून की बारिश जब बरसने लगी तो नालंदा के पश्चिम से होकर बहने वाली लोकाइन नदी भी पानी से लबालब हो गई। हालांकि नालंदा की अन्य नदियां अब भी बिन पानी सुखी है। नदी में पानी देख, जहां किसानों के चेहरे पर खुशी लौट आई है, तो वहीं अब कुछ इलाकों में बाढ़ का खतरा भी मंडराने लगा है। नदी में बने तटबंध कुछ जगह टूट भी गए हैं। जिसके कारण खेतों में नदी का पानी प्रवेश कर गया है तो वहीं दर्जन भर गांव भी पानी से घिर गया है।
नदी में आई तेज-बहाव के कारण धुरी बीघा गांव के पास करीब 20 फीट तक तटबंध टूट गया है। इसके कारण धुरी बीघा, फुलवरिया, छियासठ बीघा मुरलीगढ़, सोहरापुर,कुसेता एवं राढ़ील छिलका से पश्चिम तटबंध टूटने के कारण खेतों में पानी प्रवेश कर गया, जबकि धाना बीघा गांव से पूर्व तटबंध टूटने के कारण धाना बीघा, बेलदारी बीघा के खेत जलमग्न हो गए है। मुसाढ़ी गांव के पास भी तटबंध टूट गए हैं। करीब 100 एकड़ से ज्यादा के रकबे में लगे फसल जलमग्न हो गया है।
हिलसा एसडीओ प्रवीण कुमार ने बताया कि नदी में एक दो स्थानों पर पानी की तेज बहाव में तटबंध में नुकसान हुआ है। जिसके कारण खेतों में पानी चला गया है। वहीं बेलदारी विगहा गांव में नदी का पानी प्रवेश कर गया है। करीब 40 घर पानी से घिर गया है। लोगों को बाहर निकाला जा रहा है और राहत शिविर बनाई जा रही है। मेडिकल टीम को भी मौके पर बुलाया गया। प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। पानी के बहाव में थोड़ी कमी आई है। अगर फिर से पड़ोसी राज्य या जिले में बारिश होती है तो पानी के बहाव में तेजी देखी जा सकती है। एहतियात के लिए एसडीआरएफ की टीम को भी बुला लिया गया है।
फल्गु की सहायक नदी लोकायन में साल 2016 के बाद इतनी पानी आई है। लोकाइन नदी नालंदा के एकंगरसराय, हिलसा एवं करायपरसुराय प्रखंडो से होकर गुजरती है। सावन महीने के शुरू होने के पहले नालंदा के सकरी, जिरायन, गोईठवा, सोइवा एवं पंचाने नदी में धार फूटी थी। लेकिन अब वह भी शांत पड़ी हुई। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इन नदियों में भी पानी आएगा। हालांकि लोकाइन नदी में पानी आने से गिरते जलस्तर पर विराम लगेगा।
आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा दो दिन पूर्व ही जिले भर में अत्यधिक बारिश के कारण ठनका गिरने, पेड़ गिरने और स्थानीय आपदा बढ़ने को लेकर अलर्ट जारी किया गया था। वहीं झारखंड में अत्यधिक बारिश के कारण नालंदा की नदियों में बाढ़ आने की चेतावनी भी जारी की गई थी। जिलाधिकारी ने इस संदर्भ में सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी एवं प्रखंडों के पर्यवेक्षक अधिकारी को मुख्यालय में बने रहने एवं सतर्क रहने का निर्देश दिया गया था। वहीं जिलाधिकारी शशांक शुभंकर भी हिलसा के पश्चिमी इलाके में बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा ले रहे हैं।
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नालंदा से राजा कुमार की रिपोर्ट
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