पटना : राजधानी पटना की सड़कों पर वित्तरहित शिक्षक वित्तरहित कलंक नीति के खात्मे हेतु हल्लाबोल का आज आगाज कर दिया है। अनिश्चितकालीन घेरा डालो-डेरा डालो को लेकर अनशन पर बैठ गए हैं। उनका कहना है कि वित्तरहित शिक्षा नीति बिहार प्रदेश के माथे पर राजकीय व राष्ट्रीय कलंक है। भारी संख्या में वित्तरहित शिक्षक घरना पर बैठे हुए हैं।
आपको बता दें कि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित विधान पार्षदों के घर के बाहर वित्तरहित शिक्षक प्रदर्शन कर रहे हैं। सभी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचित विधान पार्षद के एक घर के बाहर प्रदर्शन करेंगे। एमएलसी क्वार्टर में सीपीआई एमएलसी संजय कुमार सिंह के घर के बाहर अनशन पर बैठे हुए हैं। अनशन पर बैठे शिक्षकों का कहना है कि अनुदान नहीं वेतनमान फॉर्म बिहार प्रदेश के द्वारा दिया जा रहा है।
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साथ ही वित्त अनुदानित माध्यमिक इंटरमीडिएट एवं डिग्री कॉलेज के कर्मी प्रदर्शन कर रहे हैं। लगभग 45 हजार के करीब वित्त रहित शिक्षक कार्यरत हैं। अनुदानित माध्यमिक इंटरमीडिएट और डिग्री कॉलेज में कुल 1450 स्कूल राज्यभर में है। वित्त रहित शिक्षकों की आठ से 10 साल से अनुदान की राशि लंबित है। चरण वध तरीके से आंदोलन चलाएंगे।
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विवेक रंजन की रिपोर्ट


