‘A for Apple’, थाना बनता है पाठशाला और खाकी वाले बनते हैं शिक्षक, नक्सलियों के गढ़ में अब….

गया: ‘अ से अनार, A for Apple’ छात्रों के पढ़ने की यह आवाज किसी स्कूल से नहीं बल्कि थाना से आती है तो स्थानीय लोग और बच्चों में ख़ुशी की लहर दौड़ रही है। पूरा मामला गया का है जहां एक थाना में बच्चों के बीच पुलिसकर्मी शिक्षक बन शिक्षा का अलख जगा रहे हैं। यह इलाका है गया का नक्सल प्रभावित इलाका छकरबंधा जहां थाना में खाकी वाले बच्चों के बीच अक्षर का ज्ञान बांट रहे हैं।

डुमरिया का छकरबंधा इलाका अत्यंत पिछड़ा और नक्सल प्रभावित इलाका है। यहां के बच्चों को अक्षर ज्ञान नहीं था जिसके बाद यहां के थानाध्यक्ष ने विधि व्यस्था को दुरुस्त करने के साथ ही बच्चों में ज्ञान का अलख जगाने की मुहीम भी छेड़ दी। अब आलम यह है कि थाना में संचालित पाठशाला में इलाके के दर्जनों बच्चे पढ़ने आते हैं जिन्हे पुलिसकर्मी शिक्षक की भूमिका में पढ़ाते हैं और उन्हें उनके जीवन का असली मकसद समझा रहे हैं।

बच्चे अब समझने लगे हैं, कि उन्हें भटकना नहीं है, बल्कि समाज की मुख्य धारा में अपनी प्रतिभा की बुलंदियों को साबित करना है। यही वजह है, कि थाना में संचालित पाठशाला में पढ़ाई की गूंज घंटों सुनाई देती है। बच्चे खुशी-खुशी आते हैं और यहां पढ़ाई कर एक अजीब सी चेहरे पर चमक लेकर घरों को वापस लौटते हैं।

छकरबंधा गया जिला मुख्यालय से लगभग 120 किलोमीटर दूर सबसे नक्सल प्रभावित इलाका रहा है। एक समय था जब इस इलाके में गोलियों की तड़तड़ाहट और बम के धमाके सुनाई देते थे। कहा जाता है कि इस क्षेत्र में नक्सलियों का जबरदस्त प्रभाव हुआ करता था। लेकिन यहां के थानाध्यक्ष की एक पहल से अब बच्चों और स्थानीय लोगों ने सपना देखना शुरू कर दिया है।

इस संबंध में छकरबंधा थानाध्यक्ष अजय बहादुर सिंह बताते हैं, कि उनके मन में बच्चों के प्रति सदैव लगाव रहा है। वह बच्चों के लिए कुछ करना चाहते हैं, यह उनकी हमेशा सोच रही है। वहीं, पुलिस कम्युुनिटी कार्यक्रम के तहत भी हमने इस सोच को जमीनी तौर पर पूरी तरह से आगे बढ़ाया है। यही वजह है, कि सैकड़ो बच्चे आज शिक्षा ग्रहण करने थाना में आ रहे हैं। बच्चों को बेसिक शिक्षा प्रदान करना हमारा मकसद है और उनके एक बेहतर भविष्य की राह दिखाना हमारा लक्ष्य भी है। उन्होंने बताया कि थाना परिसर में प्रतिदिन लगभग 100 बच्चे आते हैं, जो यहां हिंदी, गणित, विज्ञान जैसी विभिन्न विषयों में बेसिक शिक्षा प्राप्त करते हैं।

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गया से आशीष कुमार की रिपोर्ट

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