डिजीटल डेस्क : New American NSA – डोनाल्ड ट्रंप ने माइकल वाल्ट्ज को बनाया अमेरिका का नया राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार। अमेरिका के नवर्निवाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रतिनिधि सभा के सदस्य माइकल वाल्ट्ज को नया राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) नियुक्त किया है।
वाल्ट्ज अमेरिकी आर्मी नेशनल गार्ड के अधिकारी रह चुके हैं। उन्हें भारत का सपोर्टर तो चीन का कट्टर आलोचक माना जाता है। उन्होंने कोविड-19 और उइगर उत्पीड़न के लिए चीन को जिम्मेदार ठहराया था।
New American NSA माइकल वाल्ट्ज का ब्योरा एकनजर में
अमेरिका नए बनाए गए NSA माइकल वाल्ट्ज रिपब्लिकन पार्टी के तीन बार के सांसद हैं। NSA माइकल वाल्ट्ज पूर्व-मध्य फ्लोरिडा से आते हैं। उन्होंने नीति सलाहकार के रूप में पेंटागन में भी काम किया है। वह डोनाल्ड ट्रंप के कट्टर समर्थक रहे हैं। वाल्ट्ज नेशनल गार्ड में कर्नल के रूप में काम कर चुके हैं।
सैन्य सेवा के अलावा माइक वाल्ट्ज ने मेटिस सॉल्यूशंस नाम की एक कंपनी का भी नेतृत्व किया। हाउस आर्म्ड सर्विसेज कमेटी के अध्यक्ष के रूप में माइक वाल्ट्ज ने अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी पर राष्ट्रपति बाइडेन पर सवाल उठाए थे। उस दौरान बड़ी संख्या में हथियार तालिबान के हाथों में चले गए थे।
NSA (राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार) के रूप में वाल्ट्ज वेस्ट विंग के भीतर अमेरिकी विदेश नीति का समन्वय करेंगे और दुनिया भर के डेवेलपमेंट पर राष्ट्रपति को जानकारी देंगे।

ट्रंप के कट्टर समर्थक और बाइडेन के धुर आलोचक रहे हैं New American NSA माइक वाल्ट्ज…
यूक्रेन पर माइक वाल्ट्ज के विचार समय के साथ आते रहे हैं। माइक वाल्ट्ज ने अलग-अलग क्षेत्रों में ट्रंप के फैसलों का समर्थन किया है। नाटो और यूक्रेन पर भी उनका रुख दुनिया के सामने है। उन्होंने नाटो सहयोगियों से रक्षा खर्च बढ़ाने को लेकर ट्रंप की तारीफ की थी।
वर्ष 2022 में रूस के हमले के बाद वाल्ट्ज ने जो बाइडेन से कीव को और हथियार देने की अपील की थी। रिचर्ड गोल्डबर्ग ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में काम किए थे। उन्होंने वाल्ट्ज को एक प्रभावशाली व्यक्ति बताया। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा अमेरिकी सेवा सदस्य और कैपिटल हिल पर अनुभव रखने वाले वाल्ट्ज ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में बेहद अहम होंगे।

भारतीय शुभचिंतक New American NSA वाल्ट्ज को देखना तो दूर नाम तक नहीं सुनना चाहता है चीन…
माइक वाल्ज अमेरिकी संसद में इंडिया कॉकस के सह-अध्यक्ष हैं। यह अमेरिकी संसद में किसी देश पर केंद्रित सबसे बड़ा समूह है। इंडिया कॉकस एक द्विदलीय समूह है। इसमें वर्तमान में सीनेट के 40 सदस्य शामिल हैं। वाल्ज का भारत के प्रति रुख नरम रहा है। ऐसे में अमेरिका की हिंद प्रशांत महासागर को लेकर बनने वाली रणनीति में भारत की भूमिका अहम हो सकती है।
वाल्ज भारत के साथ संबंधों को मजबूत करने और चीन का मुकाबला करने के मामले में मजबूत रणनीति बनाने के समर्थक रहे हैं। वह अनुभवी विदेश नीति विशेषज्ञ हैं। उन्हें अमेरिका-भारत गठबंधन का प्रबल समर्थक माना जाता है। उन्होंने भारत के साथ संबंधों को और मजबूत करने की वकालत की है।
उनका कहना है कि अमेरिका और भारत को रक्षा व सुरक्षा सहयोग के मामले में आगे बढ़ना चाहिए।
माइक वाल्ज को चीन के प्रति कठोर रुख रखने वाला माना जाता है। कोविड-19 के लिए चीन को जिम्मेदार ठहराने के साथ ही वह चीन पर मुस्लिम उइगर के उत्पीड़न का आरोप भी लगा चुके हैं। इसी वजह से उन्होंने बीजिंग में 2022 में हुए शीतकालीन ओलंपिक का अमेरिका द्वारा बहिष्कार करने का आह्वान किया था।
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