Jhansi अग्निकांड पर CM Yogi सख्त, मांगी 12 घंटे में रिपोर्ट, मरे 4 नवजातों का होगा डीएनए टेस्ट

डिजीटल डेस्क : Jhansi अग्निकांड पर CM Yogi सख्त, मांगी 12 घंटे में रिपोर्ट, मरे 4 नवजातों का होगा डीएनए टेस्ट। झांसी स्थित महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के एनआईसीयू में बीते शुक्रवार रात हुए भीषण अग्निकांड में 10 नवजातों की मौत के मामले पर CM Yogi  आदित्यनाथ एकदम सख्त तेवर में हैं।

CM Yogi ने पूरी घटना की 12 घंटे में रिपोर्ट तलब की है। इस आशय की पुष्टि खुद मौके पर पहुंचे उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने की है।

‘हादसे की जांच कर रही 3 कमेटियां, किसी को नहीं बख्शेंगे…’

शनिवार को तड़के मेडिकल कॉलेज पहुंचे प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने घटना की जानकारी ली। उपमुख्यमंत्री पाठक ने बताया कि – ‘…इस मामले की जांच के लिए तीन कमेटी बनाई गई हैं। पहली जांच शासन स्तर पर स्वास्थ्य विभाग करेगा। इसमें फायर ब्रिगेड के अधिकारी भी शामिल होंगे। दूसरी जांच जिला स्तर पर प्रशासन कराया जा रहा है। तीसरी मजिस्ट्रियल जांच कराई जा रही है।

CM Yogi जी ने डीआईजी व कमिश्नर से पूरी घटना की प्रारम्भिक जांच रिपोर्ट 12 घंटे में अलग से मांगी है, ताकि आगे के कदम उठाए जा सकें।

…घटना की प्रारम्भिक जांच शुरू कर दी गई है। इसकी रिपोर्ट 24 घंटे में आ जाएगी। उसके बाद मजिस्ट्रियल रिपोर्ट आएगी। जैसे ही रिपोर्ट मिलेगी, हम कार्रवाई करेंगे। किसी को बख्शा नहीं जाएगा’।

झांसी अग्निकांड की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे यूपी के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक।
झांसी अग्निकांड की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे यूपी के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक।

मरने वाले 4 बच्चों की नहीं हुई शिनाख्त, सरकार करवाएगी इनका डीएनए टेस्ट

इस बीच मेडिकल कॉलेज के एनआईसीयू वॉर्ड में लगी आग में 10 नवजात की जान चली गई थी। उनमें अभी तक 6 बच्चों की शिनाख्त कर ली गई है, जबकि शनिवार अपराह्न तक इस अग्निकांड में मरने वाले 4 नवजातों की शिनाख्त नहीं हो सकी है।

मौके पर पहुंचे उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराए गए बच्चों को जाकर देखा और उनके परिजनों से मिले।

बाद में मीडिया से उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि – ‘जिन बच्चों की शिनाख्त नहीं हो सकेगी, उनके डीएनए टेस्ट कराए जाएंगे। कुछ नवजातों के परिजनों से सम्पर्क नहीं हो रहा है। उनके मोबाइल फोन बंद हैं। इसलिए स्थानीय स्तर पर उनके घर भेजकर बच्चों के बारे में जानकारी की जा रही है’।

झांसी मेडिकल कॉलेज में लगे आग पर काबू पाते दमकलकर्मी।
झांसी मेडिकल कॉलेज में लगे आग पर काबू पाते दमकलकर्मी।

उपमुख्यमंत्री बोले – 39 बच्चे सुरक्षित बचाए गए…हर हाल में सामने लाएंगे हादसे की वजह…

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि – ‘…आग लगते ही एक वॉर्ड ब्यॉय ने अग्निशमन यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) को खोलकर चलाया, लेकिन वह नाकाफी था। स्टाफ और परिजन तुरंत आग पर काबू पाने के प्रयास के साथ ही वहां भर्ती बच्चों को बचाने में जुट गए। सभी ने मिलकर रेस्क्यू किया और 39 बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

…घटना के हर पहलू का पता लगाया जाएगा। हर स्थिति में घटना के कारणों साफ किया जाएगा। यदि लापरवाही है तो और यदि दुर्घटना है तो, सारे कारणों को सामने लाया जाएगा।…घटना के कारणों को तथ्यात्मक रूप से सामने लाया जाएगा। किन कारणों से और कैसे घटना हुई, किसकी लापरवाही रही। यह सारी बातें सामने लाई जाएंगी।

…मृत व घायल बच्चों के परिजनों के साथ पूरी सरकार खड़ी है। निर्देशित किया गया है कि सभी घायलों को गुणवत्ता युक्त स्वास्थ्य व चिकित्सीय सेवाएं दी जाएं।

…जैसे ही हादसे की जानकारी मिली तो उसके बाद से लगातार झांसी जिला व मेडिकल कॉलेज प्रशासन के संपर्क में हूं। …मेरे साथ चिकित्सा एवं स्वास्थ्य प्रमुख सचिव भी आए हैं’।

झांसी अग्निकांड में जारी राहत और बचाव में जुटे दमकलकर्मी।
झांसी अग्निकांड में जारी राहत और बचाव में जुटे दमकलकर्मी।

अग्निकांड में बचाए गए 2 नवजातों के नहीं मिल रहे माता-पिता, तलाश जारी

मेडिकल कॉलेज के एनआईसीयू में लगी आग से जीवित निकाले गए 2 मासूमों के माता-पिता नहीं मिल रहे हैं। उनकी तलाश की जा रही है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन व अन्य सोर्स उनके अभिभावकों को तलाशने में जुटे हैं। झांसी मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य ने बताया कि जिन बच्चों को आग से बाहर निकाला गया है। वह सभी पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनका उपचार किया जा रहा है। वह आग से नहीं झुलसे, बल्कि किसी अन्य बीमारियों से पीड़ित थे। 16 बच्चों का इलाज मेडिकल कॉलेज में, 4 बच्चों का इलाज वात्सल्य हॉस्पिटल में, 3 बच्चे मातृत्व में और एक-एक बच्चे का इलाज जिला अस्पताल व मऊरानीपुर स्वास्थ्य केन्द्र में कराया जा रहा है। इसके अलावा 4 बच्चे अपने परिजनों के साथ घर चले गए हैं।

झांसी अग्निकांड में बचाए गए नवजातों का हाल लेने पहुंचे डिप्टी सीएम बृजेश पाठक।
झांसी अग्निकांड में बचाए गए नवजातों का हाल लेने पहुंचे डिप्टी सीएम बृजेश पाठक।

एनआईसीयू में ऑक्सीजन ऑन होने से लगी आग…

झांसी मेडिकल कॉलेज में लगी भीषण आग में 10 नवजात शिशुओं की मौत के मामले में जारी जांच में आरंभिक तौर पर मिला है कि हादसे के दौरान ऑक्सीजन कंसंट्रेटर में स्पार्किंग से लगी आग ने एनआईसीयू को अपनी चपेट में ले लिया। एनआईसीयू में बीते शुक्रवार रात करीब 10 बजे लगी। उस भीषण आग के लगने के शुरू होने के दौरान पूरे वॉर्ड में ऑक्सीजन ऑन थी। ऑक्सीजन ने तुरंत आग पकड़ी और एक के बाद एक कई धमाके हुए। आग फैलती गई। लपटों को देखकर चारों ओर चीख-पुकार मच गई। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हर हाल में उपमुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों, स्टाफ व पैरा मेडिकल कॉलेज स्टाफ की बहादुरी को सराहते हुए कहा कि सभी ने आग से घिरे मेहनत कर बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला।

झांसी अग्निकांड में मरने वाले बच्चों के परिजनों को मिलेगा 5-5 लाख का मुआवजा

सीएम योगी आदित्यनाथ ने मृत बच्चों के परिजनों को तत्काल 5-5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने की घोषणा की है। साथ ही जो बच्चे इस घटना में झुलस गए हैं, उनके समुचित उपचार की व्यवस्था करने एवं उनके परिजनों को 50-50 हजार रुपए आर्थिक मदद देने की घोषणा भी की है।

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