खैरा/जमुई : प्रखंड क्षेत्र के चांगोडीह बालू घाट के बरनार नदी घाट से मंगलवार को बालू के हो रहे उठाव को लेकर संवेदक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे दर्जनों गांव के कृषकों ने जिला प्रशासन से अविलंब चांगोडीह नदी घाट से हो रहे पोकलेन व जेसीबी से बालू उठाव पर अविलंब रोक लगाने की मांग की है। विरोध कर रहे वन पर्यावरण एवं नदी बचाओ संरक्षण समिति के सदस्य एवं किसानों ने मानव बल से खनन करने की मांग की।
साथ ही नदी किनारे बसे लोग के घर के सामने से बालू उठाव होने के कारण दुर्घटना होने की अंदेशा जताते हुए कहा के जिस प्रकार से मानक के विपरीत खनन किया जा रहा है। हमारे घर के बाल बच्चे बालू उठाव के कारण बने गड्ढे में डूबकर मर सकते हैं। मौके पर सुबोध सिंह, गोपाल सिंह, दयानंद सिंह, उमाशंकर सिंह, मुकेश कुमार, चंदन कुमार, अंकित कुमार, सूरज कुमार, रामचंद्र सिंह, विपिन सिंह, रोशन कुमार और रणधीर कुमार सहित दर्जनों ग्रामीण ने बताया कि खनन विभाग द्वारा संवेदक को चांगोडीह नदी घाट से बालू उठाव की अनुमति दी गई है। संवेदक व उनके गुर्गों द्वारा बीते कई दिनों से आधा दर्जन पोकलेन, जेसीबी मशीन लगाकर नदी घाट से 10 से 12 फीट अवैध तरीके से बालू खनन कर दर्जनों ट्रक व ट्रैक्टर में भर कर बालू बेचा जा रहा है। खनन विभाग के द्वारा कोई चिन्हित जगह नहीं किया गया है। कहीं से भी नदी में बालू उठाया जा रहा है जिसकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है।
ग्रामीणों ने बताया कि अगर यही हाल रहा तो हम कृषकों के खेतों तक पानी पहूंचाने वाली बरनार नदी ही है जिसमें हमलोग अपने स्तर से बोरिंग करा कर खेत के लिए पानी की उपयोग कर रहे हैं। अगर बालू का उठाव इसी तरह जारी रहा तो हम लोग खेती नहीं कर पाएंगे और पानी पीने का भी कोई साधन हम लोग को नहीं है। जिसकी वजह से हम कृषकों के लगभग पांच हजार एकड़ भूमि की सिंचाई प्रभावित हो जाएगी। व आने वाले दिनों में कृषि की बड़ी समस्या उत्पन्न हो जाएगी।
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वहीं किसानों ने बताया कि सरकार द्वारा बालू उठाव करने के लिए पोकलेन व जेसीबी मशीन से मनाही के बावजूद संवेदक द्घारा मशीन से ही बालू का उठाव करवा रहा है। वहीं मशीन की जगह अगर मजदूर से बालू उठाव होती है तो हम लोगों को सिंचाई में कुछ राहत मिलेगी। अगर जेसीबी से बालू उठाव करते हैं तो हम लोग को पानी पीने का भी लाले पड़ जाएंगे। वहीं कृषकों ने कहा कि मशीन से बालू उठाव बंद नहीं हुआ तो जमुई समहरणालय परिसर में अनिश्चितकालीन धरना व प्रदर्शन करने को हम कृषक विवश हो जाएंगे।
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ब्रह्मदेव प्रसाद यादव की रिपोर्ट


















