भागवत पर तेजस्वी का तंज, कहा- देश का अपमान नहीं, स्वतंत्रता सेनानी व महापुरुषों का अपमान

जहानाबाद : विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दल अभी से ही लगातार तैयारी में जुट गई है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रगति यात्रा के माध्यम से बिहार का दौरा कर लोगों का नब्ज टटोलने में जुटे हैं। दूसरी तरफ राजद नेता तेजस्वी यादव संवाद यात्रा के माध्यम से बिहार का दौरा करने में जुटे हैं और कार्यकर्ताओं को गोलबंद कर रहे हैं। इसी कड़ी में आज बुधवार को जहानाबाद के एक निजी हॉल में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने जहानाबाद और अरवल जिले के कार्यकर्ताओं के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने प्रेसवार्ता कर बिहार और केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा।

वहीं एक कार्यक्रम के दौरान मोहन भागवत द्वारा राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दिन देश की आजादी की नई तारीख बताने पर बयानबाजी को लेकर आरएसएस प्रमुख पर विपक्ष हमलावर है। वहीं जहानाबाद पहुंचे राजद नेता तेजस्वी यादव ने मोहन भागवत के बयान पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि यह न सिर्फ देश का अपमान है बल्कि देश की आजादी में शहीद हुए तमाम स्वतंत्रता सेनानी और महापुरुषों का अपमान है। तेजस्वी ने भागवत की संस्था पर ही निशाना साधते हुए कहा कि जो संस्था और संगठन आजादी की लड़ाई में हमेशा देश के खिलाफ काम करते थे, वहीं लोग इस तरह का बयान देते हैं।

तेजस्वी ने आगे कहा कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का अब बस यही कहना कि दलितों-पिछड़ों का आरक्षण खत्म होगा तभी देश को असल मायनों में आजादी मिलेगी, बाकी रह गया है। उनके इस कथन से कि देश को असल स्वतंत्रता 2024 में ही मिली है। आरएसएस प्रमुख ने आजादी के करोड़ों मतवालों, दीवाने देशभक्तों, असंख्य शहीदों एवं स्वतंत्रता सेनानियों का घोर अपमान किया है। संघ के लोगों का स्वतंत्रता संग्राम में अपना कोई योगदान नहीं था इसलिए ये अब बाकियों के योगदान को खत्म करने के नए प्रपंच रच रहे हैं। इनका संगठन तो स्वयं अंग्रेजों का दलाल और मुखबिर रहा है। दलितों-पिछड़ों, मेहनतकश एवं कृषक वर्गों के ऐतिहासिक योगदान को कमतर करना ही आरएसस का हमेशा से उद्देश्य रहा है। मोहन भागवत, देश गुलामी की तरफ अग्रसर है क्योंकि डॉलर के मुकाबले रुपया सर्वकालिक निम्नस्तर पर है, उस पर ध्यान दिजीए।

यह भी देखें :

तेजस्वी ने कहा- मोहन भागवत बताएं…

𝟏. देश के बहुसंख्यक दलितों-पिछड़ों को असल आजादी कब मिलेगी?
𝟐. दलित-पिछड़ा से घृणा करने वाले 100 वर्ष पुराने संगठन आरएसस के कर्ता-धर्ता बताए कि आज तक कोई दलित पिछड़ा आरएसस का प्रमुख क्यों नहीं बना?
𝟑. महिला आरएसस प्रमुख क्यों नहीं बनी?
𝟒. जातिगत जनगणना कब होगी?
𝟓. दलितों-पिछड़ों का आरक्षण उनकी आबादी के अनुपात में कब बढ़ेगा?

यह भी पढ़े : तेजस्वी का बड़ा बयान, कहा- अब बिहार में कोई परिवर्तन नहीं, होगा सीधे चुनाव

गौरव सिन्हा की रिपोर्ट

Saffrn

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