रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने रिम्स के निदेशक को जनऔषधि केंद्र खोलने से संबंधित दस्तावेजों के साथ हाजिर होने का निर्देश दिया है. अदालत ने जनऔषधि केंद्र बंद करने और नया टेंडर जारी करने के मामले में निदेशक को स्थिति स्पष्ट करने को कहा है.
अदालत ने रिम्स के जनऔषधि केंद्र को बंद करने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान रिम्स निदेशक की ओर से बताया गया था कि रिम्स शाषी निकाय के अध्यक्ष के कहने पर नया जनऔषधि केंद्र का टेंडर जारी नहीं किया गया था. स्वास्थ्य निदेशक ने इसका खंडन किया और कहा कि अध्यक्ष ने कुछ बिंदुओं पर पूछताछ की थी. टेंडर नहीं जारी करने का आदेश नहीं दिया था.
इस पर अदालत ने निदेशक को शपथपत्र दाखिल करने को कहा था. निदेशक ने दोबारा शपथपत्र दाखिल कर कहा कि उन्होंने अध्यक्ष के टेंडर जारी नहीं करने की बात नहीं की थी. इस पर अदालत ने अवमानना का नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा था. शुक्रवार को निदेशक ने शपथपत्र दाखिल कर अदालत से माफी मांगी. इस मामले की अगली सुनवाई 13 दिसंबर को होगी.
बता दें कि इससे पहले याचिका पर सुनवाई के दौरान रिम्स निदेशक की ओर से बताया गया था कि रिम्स शाषी निकाय के अध्यक्ष के कहने पर नया जनऔषधि केंद्र का टेंडर जारी नहीं किया गया था. इसका स्वास्थ्य निदेशक ने विरोध किया और कहा कि अध्यक्ष ने कुछ बिंदुओं पर क्वैरी की थी. टेंडर नहीं जारी करने का आदेश नहीं दिया था. इस पर अदालत ने निदेशक को शपथपत्र दाखिल करने को कहा था. निदेशक ने दोबारा शपथपत्र दाखिल कर कहा कि उन्होंने अध्यक्ष के टेंडर जारी नहीं करने की बात नहीं की थी. इस पर अदालत ने अवमानना का नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा था. जिसके बाद निदेशक ने शपथपत्र दाखिल कर अदालत से माफी मांगी.
रिपोर्ट : प्रोजेश दास
अदालत की फटकार, कहा- लगता है कोर्ट को ही क्लीन करना पड़ेगा रिम्स !


