रांची: झारखंड विधानसभा में विधायक नीरा यादव ने मंईयां योजना से पात्र लाभार्थियों के नाम काटे जाने पर सरकार से स्पष्टीकरण की मांग की। उन्होंने कहा कि बिना सत्यापन के दी गई योजना के लाभार्थियों को अब सत्यापन के नाम पर बाहर किया जा रहा है या किसी त्रुटि का हवाला देकर आवेदन अस्वीकार किए जा रहे हैं।
नीरा यादव ने सदन में कहा, “हर विधानसभा क्षेत्र में महिलाएं जनप्रतिनिधियों के पास पहुंच रही हैं, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा। सरकार को चाहिए कि वह यह सुनिश्चित करे कि सत्यापन प्रक्रिया पारदर्शी हो और जरूरतमंदों का नाम अकारण न काटा जाए।” उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि यदि किसी त्रुटि के कारण आवेदन अस्वीकृत हो रहे हैं तो उसे सुधारने का उचित अवसर दिया जाए।
सरकार से शिविर लगाने और सूची जारी करने की मांग
यादव ने सुझाव दिया कि ब्लॉक और अंचल कार्यालयों में चक्कर लगाने की बजाय सरकार को चाहिए कि वह शिविर लगाकर यह स्पष्ट करे कि किन लोगों को योजना का लाभ मिलेगा और किन्हें नहीं। उन्होंने कहा कि जैसे अन्य सरकारी योजनाओं में पात्रता के स्पष्ट मानक तय किए जाते हैं, वैसे ही मंईयां योजना के लिए भी स्पष्ट सूची जारी की जाए। इससे जरूरतमंद महिलाओं को अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी।
सरकार ने दिया सुधार का आश्वासन
मामले पर जवाब देते हुए संबंधित मंत्री ने कहा कि अगर किसी स्तर पर गलती हुई है, तो उसे सुधारा जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार इस विषय पर गंभीर है और त्रुटियों को सुधारने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी। साथ ही, उन्होंने आश्वासन दिया कि पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
धरना प्रदर्शन और जनता की नाराजगी
योजना से नाम काटे जाने को लेकर विभिन्न स्थानों पर महिलाएं धरना प्रदर्शन कर रही हैं। इस पर चर्चा के दौरान विपक्षी विधायकों ने सरकार से अनुरोध किया कि धरना समाप्त करवाने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं और लाभार्थियों की सूची सार्वजनिक की जाए।
सरकार ने विपक्ष की मांगों पर विचार करने का आश्वासन देते हुए कहा कि जल्द ही इस संबंध में उचित निर्णय लिया जाएगा।



















