रांची: राजधानी मंची में इन दिनों ठगी और साइबर अपराध की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। साइबर अपराधियों और पारंपरिक ठगों की मिलीभगत से आम नागरिकों को लगातार आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इन अपराधों में नौकरी दिलाने का झांसा, शेयर बाजार में मुनाफा, इनाम जीतने, बिजली उपकरण सप्लाई, और सरकारी पदों पर नियुक्ति जैसे कई बहाने बनाकर भोले-भाले लोगों को ठगा जा रहा है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, राजधानी के लगभग हर थाना क्षेत्र में आए दिन इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। हालांकि पुलिस केस दर्ज कर कार्रवाई का दावा कर रही है, लेकिन अधिकांश मामलों में अपराधी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
दो खातों से उड़ाए सवा तीन लाख रुपये
नोवामुंडी के रहने वाले वृद्ध चुम्डा पूर्ति के साथ बड़ी साइबर ठगी हुई। उन्होंने साइबर थाना में मामला दर्ज कराया है कि उनके पीएनबी और एसबीआई खातों से सवा तीन लाख रुपये अवैध तरीके से निकाल लिए गए। चुम्डा अपने गांव गए थे और मोबाइल घर पर ही भूल गए थे। जब उन्होंने नया मोबाइल लेकर पुराना सिम कार्ड चालू कराया, तो कुछ ही देर में सिम फिर से बंद हो गया। जानकारी लेने पर पता चला कि सिम कार्ड किसी सतारी सुंडी के नाम से फिर से जारी कर दिया गया है। इसी फर्जी सिम की मदद से आरोपितों ने दोनों खातों से पैसा उड़ा लिया।
रेलवे और सचिवालय में नौकरी का झांसा, ठगी के शिकार कई लोग
धुर्वा के सोनुआ से एक साल पहले एक व्यक्ति ने रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 2.5 लाख रुपये लिए। बाद में जब जॉइनिंग लेटर मिला तो वह फर्जी निकला। इधर, लालपुर थाना में दिलीप तिर्की ने सचिवालय में नौकरी दिलाने के नाम पर तनवीर खान और तौफिक आलम पर 9.63 लाख रुपये ठगने का आरोप लगाया है। दिलीप को चेक दिया गया जो बाउंस हो गया, बाद में दूसरा व्यक्ति आया और उसने भी नौकरी लगाने का झांसा देकर ढाई लाख रुपये ले लिए।
शेयर बाजार में मुनाफा दिलाने के नाम पर 5.87 लाख की ठगी
खेलगांव के रहने वाले अवनेश कुमार चौहान से रजत परमार और हरि माथुर ने वाट्सएप के जरिए संपर्क कर शेयर बाजार में अधिक मुनाफा दिलाने की बात कही। उन्हें “ब्लिंकएक्सपे” नामक एप डाउनलोड कराया गया और एक फर्जी वाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। धीरे-धीरे अवनेश ने 5.87 लाख रुपये निवेश कर दिए, लेकिन जब पैसा वापस मांगा तो उन्हें ग्रुप से बाहर कर दिया गया।
एविएटर गेम और फोन कॉल से खाते से उड़े लाखों रुपये
प्रवीण सिंह नामक व्यक्ति को फोन कर एविएटर गेम में इनाम जीतने का झांसा दिया गया। प्रवीण ने लालच में आकर आधार और पैन की डिटेल दे दी, जिसके कुछ देर बाद उनके खाते से 1.75 लाख रुपये निकल गए। वहीं खूंटी निवासी विष्णु कुमार भगत को एक फोन आया और फोन रखते ही उनके खाते से चार बार में दो लाख रुपये निकल गए।
अन्य छोटे-छोटे मामलों में भी बढ़ रही ठगी
लालपुर थाना में अमित कुमार ने बिजली मिस्त्री पिंटु पर 30 हजार रुपये ठगने का आरोप लगाया है। अमित ने उसे बिजली उपकरण खरीदने के लिए ऑनलाइन पैसा दिया था, लेकिन न तो सामान मिला और न ही पैसा वापस।
पुलिस का दावा – जागरूकता अभियान जारी, जल्द होगी गिरफ्तारी
साइबर थाना समेत विभिन्न थानों में दर्ज इन मामलों पर पुलिस कार्रवाई कर रही है। पुलिस का कहना है कि मोबाइल नंबर, बैंक अकाउंट और अन्य तकनीकी माध्यमों से आरोपितों की पहचान की जा रही है। कुछ मामलों में संदिग्धों के मोबाइल नंबर मिल चुके हैं, जल्द ही गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल, लिंक या मैसेज के झांसे में न आएं। किसी को भी आधार, पैन या बैंक डिटेल साझा न करें।
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