रांची: झारखंड में शिक्षक बनने की राह में एक अहम बदलाव होने जा रहा है। झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (J-TET) की नियमावली में अब जिलावार जनजातीय और क्षेत्रीय भाषाओं का निर्धारण किया जायेगा। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने इस दिशा में कदम उठाते हुए नियमावली में संशोधन का प्रारूप तैयार कर लिया है। संभावना है कि मई माह के अंत तक संशोधित नियमावली को अंतिम रूप दे दिया जायेगा।
वर्तमान नियमावली के अनुसार, परीक्षार्थी को कार्मिक विभाग द्वारा अधिसूचित जनजातीय अथवा क्षेत्रीय भाषाओं—जैसे हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, संताली, मुंडारी, खड़िया, कुड़ुख, नागपुरी, कुरमाली, खोरठा, पंचपरगनिया, उड़िया, बंगला, संस्कृत आदि—में से किसी एक की परीक्षा देनी होती है, लेकिन यह निर्धारण जिलावार नहीं होता। इससे नियुक्ति के बाद शिक्षक को स्थानीय भाषा की जानकारी न होने से शैक्षणिक कार्यों में परेशानी हो सकती है।
राज्य में प्राथमिक और मध्य विद्यालय शिक्षक पदों का कैडर जिला स्तर पर है, इसलिए जिस जिले में नियुक्ति होगी, वहां की भाषा का ज्ञान आवश्यक है। यही वजह है कि स्कूली शिक्षा विभाग अब जिलावार भाषा निर्धारित करने जा रहा है। वर्ष 2012 और 2016 की J-TET परीक्षाओं में भी जिलावार भाषाओं का निर्धारण किया गया था। इस बार भी पूर्व निर्धारित ढांचे के अनुसार ही भाषाओं का चयन होने की संभावना है।
उल्लेखनीय है कि राज्य में पिछले नौ वर्षों से शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित नहीं हुई है। पिछली परीक्षा वर्ष 2016 में आयोजित की गई थी। अब संशोधित नियमावली के आधार पर परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा से पहले भाषा निर्धारण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, ताकि अभ्यर्थियों को कोई असमंजस न हो।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, नियमावली संशोधन को लेकर बनी कमेटी ने अपनी अनुशंसा तैयार कर ली है और जल्द ही इसे विभाग को सौंपा जाएगा। इसके बाद सरकार स्तर पर अंतिम निर्णय लेकर अधिसूचना जारी की जाएगी। इस संशोधन के बाद J-TET की नई तारीखों की घोषणा की जाएगी।







