रांची/हजारीबाग: JSSC CGL पेपर लीक मामले में सीआईडी की विशेष अदालत ने शुक्रवार को पांच आरोपियों – विवेक रंजन, कृष्णा स्नेही, शशि भूषण दीक्षित, राम निवास रॉय और कुंदन कुमार की जमानत याचिका खारिज कर दी। इससे पहले भी कोर्ट छह अन्य आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर चुकी है।
सीआईडी अब तक इस मामले में 12 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जिनमें दो आरोपियों गौरव कुमार और अभिलाष कुमार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। ये दोनों आरोपी आईआरबी-8 गोड्डा के जवान हैं। कोर्ट में दायर चार्जशीट में खुलासा हुआ है कि 21 और 22 सितंबर 2024 को आयोजित JSSC CGL परीक्षा के दौरान पेपर लीक हुआ था, जिसके बाद राज्यभर में अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन कर परीक्षा रद्द करने और CBI जांच की मांग की थी। फिलहाल इस केस की जांच CID द्वारा की जा रही है।
JPSC सेकेंड नियुक्ति घोटाला: 20 मई को आएगा फैसला
दूसरी ओर, JPSC सेकेंड नियुक्ति घोटाले में आरोपी हजारीबाग एसपी अरविंद कुमार सिंह समेत चार लोगों की अग्रिम जमानत याचिका पर CBI की विशेष अदालत में सुनवाई पूरी हो चुकी है। कोर्ट ने फैसला आरक्षित रख लिया है और इसे 20 मई 2025 को सुनाया जाएगा।
CBI की जांच में सामने आया है कि तत्कालीन JPSC के सदस्य और को-ऑर्डिनेटर के निर्देश पर 12 अभ्यर्थियों के अंक जानबूझकर बढ़ाए गए थे। इसके अलावा, कॉपियों में कांट-छांट कर नंबर बढ़ाने और इंटरव्यू के नंबरों में भी हेराफेरी की पुष्टि हुई है। यह जांच गुजरात की फॉरेंसिक लैब में कराई गई थी।
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