रांची: झारखंड पुलिस के सिपाहियों की एएसआई (सहायक अवर निरीक्षक) में प्रोन्नति की राह इस बार भी आसान नहीं रही। राज्यभर में आयोजित प्रोन्नति परीक्षा में करीब 30 फीसदी सिपाही असफल हो गए हैं, जो अपनी दक्षता को साबित नहीं कर सके। खास बात यह है कि अधिकांश सिपाही फायरिंग परीक्षण में फेल हो गए — या तो उनका निशाना चूक गया या वे मैगजीन लोडिंग जैसी बुनियादी प्रक्रिया को ठीक से नहीं कर पाए।
तीन केंद्रों पर हुई परीक्षा, 3573 सिपाही हुए शामिल
राज्य के तीन प्रमुख केंद्रों पर आयोजित एएसआई प्रोन्नति परीक्षा में कुल 3573 सिपाहियों ने भाग लिया। परीक्षा दो चरणों में हुई थी और अंतिम चरण 12 से 14 सितंबर 2024 के बीच संपन्न हुआ। इसके बाद हाल ही में तीनों केंद्रों के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं।
परीक्षा केंद्रों का ब्योरा इस प्रकार है :
जंगल वारफेयर स्कूल, नेतरहाट – कुल 759 में से 336 पास, 423 फेल
पदमा जीआरपीटीसी, हजारीबाग – कुल 1461 में से 1172 पास, 289 फेल
सीसीएल स्पोर्ट्स क्लब, मुसाबनी – कुल 1353 में से 1026 पास, 327 फेल
क्यों फेल हो रहे सिपाही?
जानकारों के अनुसार, प्रोन्नति परीक्षा में फेल होने वाले अधिकांश सिपाही शारीरिक दक्षता परीक्षण, खासकर फायरिंग में पीछे रह गए। कुछ सिपाही तो मैगजीन तक ठीक से लोड नहीं कर पाए, जिससे उनके प्रदर्शन पर सीधा असर पड़ा।
दोबारा देना होगा परीक्षा
जिन सिपाहियों को इस बार असफल घोषित किया गया है, उन्हें दोबारा परीक्षा में शामिल होना होगा। केवल पास होने पर ही उनकी दक्षता को मान्यता मिलेगी और वे एएसआई के रूप में पदोन्नत हो सकेंगे।
प्रशिक्षण जारी, पांच विषयों में होगी पढ़ाई
पुलिस मुख्यालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, सफल सिपाहियों के लिए सैद्धांतिक प्रशिक्षण शुरू कर दिया गया है। इस प्रशिक्षण में पांच मुख्य विषयों के अलावा अन्य आंतरिक विषयों की भी जानकारी दी जा रही है, जिससे सिपाहियों को भविष्य की जिम्मेदारियों के लिए तैयार किया जा सके।



















