परीक्षा पैटर्न में भी होगा बड़ा बदलाव, जेसीईआरटी को मिलेगी नई जिम्मेदारी
रांची: झारखंड की शिक्षा प्रणाली में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप व्यापक बदलाव किए जा रहे हैं। अब झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) अगले सत्र से कक्षा आठवीं की बोर्ड परीक्षा नहीं लेगा। इसकी जिम्मेदारी झारखंड काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (जेसीईआरटी) को सौंप दी गई है।
अब तक यह परीक्षा OMR शीट पर वस्तुनिष्ठ (ऑब्जेक्टिव) प्रकार की होती थी, लेकिन आगामी शैक्षणिक सत्र से यह लिखित रूप में ली जाएगी। नई प्रणाली में लघु उत्तरीय और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न पूछे जाएंगे, ताकि छात्रों की उत्तर लेखन क्षमता का विकास हो सके।
फरवरी में होगी मैट्रिक और इंटर की परीक्षा, अप्रैल में आएगा रिजल्ट
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह ने मंगलवार को जानकारी दी कि अब हर वर्ष मैट्रिक परीक्षा फरवरी के पहले और दूसरे सप्ताह में आयोजित की जाएगी। इंटर की परीक्षा फरवरी के पहले से तीसरे सप्ताह तक चलेगी। मार्च में मूल्यांकन कार्य पूरा कर लिया जाएगा और अप्रैल के पहले सप्ताह में परीक्षाफल जारी कर दिया जाएगा।
मूल्यांकन में अब इंटर कॉलेजों के शिक्षक भी होंगे शामिल
अब तक मैट्रिक और इंटर की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन केवल सरकारी हाईस्कूल और प्लस टू स्कूलों के शिक्षक करते थे। अब इसमें इंटर कॉलेजों और संबद्ध हाईस्कूलों के शिक्षकों की भी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इससे मूल्यांकन की प्रक्रिया को और अधिक दक्ष एवं समयबद्ध बनाया जाएगा।
जेसीईआरटी को मिल सकती हैं और परीक्षाओं की जिम्मेदारी
सचिव ने यह भी संकेत दिए कि भविष्य में नौवीं और 11वीं की परीक्षाओं की जिम्मेदारी भी जेसीईआरटी को दी जा सकती है। इसके लिए परिषद ने आवश्यक ढांचा और प्रक्रिया तैयार कर ली है।
साथ ही, मैट्रिक और इंटर परीक्षाओं की अवधि को कम करने और दोनों के बीच का अंतराल घटाने का भी निर्णय लिया गया है, ताकि परीक्षाएं समयबद्ध तरीके से आयोजित होकर समय पर परिणाम प्रकाशित किए जा सकें।
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