पटना : बिहार के सरकारी शिक्षकों को राज्य सरकार (State Government) के शिक्षा विभाग (Education Department) के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ (S Siddharth) ने सख्त चेतावनी दी है। अगर स्कूल में गप्पे लड़ाते हैं तो बॉर्डर वाले इलाके में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। शनिवार यानी सात जून को शिक्षा विभाग के साप्ताहिक कार्यक्रम ‘शिक्षा की बात हर शनिवार’ के 17वें एपिसोड में अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ ने शिक्षकों और अभिभावकों के कई सवालों का खुले मन से जवाब दिया।

अभिभावक नीना ने कहा- उनके बेटे के स्कूल में शिक्षक नहीं आते हैं पढ़ाने
दरअसल, पटना के मृदहा टोली की निवासी नीना गुप्ता ने एसीएस को व्हाट्सएप पर शिकायत भेजी थी कि उनके बेटे के स्कूल में शिक्षक पढ़ाने नहीं आते हैं, गप्पे लड़ाते हैं और बच्चे खाली बैठे रहते हैं। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई और तत्काल जांच के आदेश दिए। उन्होंने दोषी शिक्षकों को बॉर्डर वाले इलाके में ट्रांसफर करने का निर्देश दिया।
ट्रांसफर में पूर्ण पारदर्शिता
वहीं दूसरी ओर शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव से एक शिक्षक ने कहा कि उन्हें 70 हजार रुपए देकर मनचाही पोस्टिंग का झांसा दिया गया था। इस पर डॉ. सिद्धार्थ ने स्पष्ट किया कि अब ट्रांसफर प्रक्रिया पूरी तरह स्वचालित और कोडेड सॉफ्टवेयर पर आधारित है। न डीईओ, न शिक्षक और न ही कोई अन्य व्यक्ति इसमें दखल दे सकता है। ये साइबर ठगी है लिहाजा सतर्क रहें।
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मेडिकल अवकाश में वेतन कटौती बर्दाश्त नहीं
वहीं गोपालगंज की शिक्षिका राधिका शर्मा की शिकायत पर अपर मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि मेडिकल अवकाश के दौरान वेतन रोकना गलत है, जब तक वह ‘नो पे लीव’ न हो। सभी वैध अवकाशों में वेतन भुगतान सुनिश्चित होगा। जांच के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश भी दिए गए। मधुबनी के एक नागरिक ने शिकायत करते हुए कहा कि टोला सेवक और मरकज सेवक की कई सीटें रिक्त हैं, लेकिन विभाग को शून्य रिक्ति की रिपोर्ट भेजी जा रही है, जिससे बहाली प्रक्रिया बाधित हो रही है। इस पर एसीएस ने कहा कि जहां उच्च न्यायालय में वाद लंबित नहीं हैं। वहां बहाली की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाएगी। इस मामले की गंभीर समीक्षा अगले सप्ताह की जाएगी।
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