जहानाबाद: एक तरफ आपराधिक घटनाओं से बिहार त्रस्त है तो दूसरी तरफ पुलिसकर्मी भी लोगों को सुरक्षा देने के बजाय अपने ही सहकर्मी की जान के पीछे पड़े हुए हैं। ऐसा ही कुछ देखने को मिला जहानाबाद में जहां बिसैप के जवान का उसके ही कुछ सहकर्मियों ने हथियार के बल पर अपहरण कर लिया और आंख, हाथ पैर बांध कर मरने के लिए रेलवे ट्रैक पर छोड़ दिया। पुलिस साईरन की आवाज सुन जवान ने किसी तरह से अपने मुंह से कपड़ा हटा कर जब शोर मचाया तो स्थानीय लोगों ने उसकी जान बचाई।
पीड़ित जवान संतोष कुमार है जो वह मुंशी के पद पर तैनात है और जवानों की ड्यूटी लगाने की उसकी ही जिम्मेदारी है। इसी वजह से कुछ लोगों से उसका विवाद चल रहा था। उसने बताया कि रविवार की रात वह बाजार से सोमवारी पूजन सामग्री खरीद कर जब अपने किराये के मकान में लौट रहा था तभी रास्ते में दो लोगों ने हथियार के बल पर उसका अपहरण कर लिया। बाद में 4-5 और लोग जुटे और सभी ने उसे रेलवे ट्रैक पर आंख, हाथ और पैर जंजीर से बांध कर मरने के लिए छोड़ दिया।
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किसी तरह उसने अपने मुंह से कपड़ा हटा कर जब शोर मचाया तो स्थानीय लोगों ने पुलिस को मामले की जानकारी दी और उसकी जान बचाई गई। मामले को लेकर पीड़ित बिसैप जवान ने अपने ही थाना के विनोद राम, सिकंदर दस, मो वसीम, राहुल कुमार, निरंजन कुमार, सुमन कुमार सिंह, अजीत कुमार सिंह, सुदामा कुमार गुप्ता, निर्भय कुमार, गोपाल कुमार सिंह, चिंटू कुमार, प्रदीप कुमार उरांव समेत करीब 5-6 अज्ञात लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज कराया है।
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