Omicron का नया सब वैरिएंट आया अब सामने, बहुत तेजी से फैला रहा संक्रमण

जेनेवा (स्विटजरलैंड) : विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मंगलवार को कहा कि कोरोनावायरस के अत्यधिक संक्रामक ओमिक्रॉन वैरिएंट का एक नया सब वैरिएंट पाया गया है और कुछ अध्ययनों से संकेत मिलता है कि यह ऑरिजिनल वैरिएंट की तुलना में और भी अधिक संक्रामक हो सकता है. WHO ने कहा कि इस नए सब वैरिएंट के मामले 57 देशों में मिले हैं.

होल जीनोम सीक्वेंसिंग (WGS) के जरिए ब्रिटेन में अब तक ओमिक्रॉन के BA.2 वैरिएंट के 426 मामलों की पुष्टि की गई है. साथ ही यह भी संकेत दिए हैं कि लगभग 40 देशों में भी ओमिक्रॉन के इस नए सब-वैरिएंट का पता चला है. आपको बता दें कि इसका सबसे पहला मामला 6 दिसंबर 2021 को दर्ज किया गया था. ब्रिटेन के लंदन शहर में इसके सबसे ज्यादा 146 केस दर्ज किए गए हैं.

रिपोर्ट्स के मुताबिक अभी तक यह साबित नहीं हुआ है कि BA.2 ओमिक्रॉन से ज्यादा खतरनाक है या नहीं. यूकेएचएसए (UKHSA) के अनुसार, ओमिक्रॉन की तुलना में यह नया वैरिएंट तेजी से फैल रहा है. यूकेएचएसए ने चेतावनी दी है कि बीए.2 का कोई खास म्यूटेशन नहीं हैं, जिसके चलते इसे डेल्टा वैरिएंट से अलग किया जा सकता है.

लगभग 40 देशों में ओमिक्रॉन के नए सब-वैरिएंट का पता चला है. डेनमार्क में BA.2 के सबसे अधिक मामले सामने आए हैं, डेनमार्क के अध्ययनकर्ताओं ने आशंका जताई है कि नए वैरिएंट की वजह से ओमिक्रॉन वायरस से बढ़ रही महामारी के दो अलग-अलग पीक आ सकते हैं. इस बीच जॉन हॉपकिन्स में विषाणु विज्ञानी ब्रायन जेले ने आशंका जताई कि ओमिक्रॉन का सब-वैरिएंट बीए.2 फ्रांस और डेनमार्क के बाहर पूरे यूरोप व उत्तरी अमेरिका में महामारी और बढ़ा सकता है. वहीं भारत में भी ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट के 530 सैंपल्स रिपोर्ट किए गए हैं. इसके बाद स्वीडन में 181 और सिंगापुर में 127 मामले सामने आए हैं.

ओमिक्रॉन के BA.2 सब-वैरिएंट का पता सिर्फ जीनोम सिक्वेंसिंग के माध्यम से लगाया जा सकता है और यह ओमिक्रॉन वैरिएंट के उप-वंश में से एक का निर्माण करता है जिसे अब तीन उप-प्रकारों में विभाजित किया गया है, अर्थात् BA.1, BA.2, और BA.3. डब्ल्यूएचओ (WHO) के मुताबिक BA.1 और BA.3 के स्पाइक प्रोटीन में 69 से 70 डिलेशन हैं, जबकि BA.2 में नहीं है.

फ्रांसीसी महामारी विज्ञानी एंटोनी फ्लैहॉल्ट ने एएफपी को बताया कि वैज्ञानिक तेजी से ओमिक्रॉन के नए सब-वैरिएंट की निगरानी कर रहे हैं, उन्होंने कहा, फ्रांस ने जनवरी के मध्य में मामलों के बढ़ने की उम्मीद की थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और शायद यह इस सब-वैरिएंट के कारण है, जो BA.1 की तुलना में बहुत अधिक तेजी से फैलता है, पर अधिक घातक नहीं लगता.

क्या BA.2 अधिक खतरनाक है?

यूकेएचएसए में कोविड -19 इंसीडेंट डायरेक्टर डॉ मीरा चंद ने कहा कि वायरस की प्रकृति हमेशा बदलती रहती है, इसलिए महामारी के चलते नए वैरिएंट के उभरने की पूरी उम्मीद है. चंद ने कहा, “अब तक, यह निर्धारित कर पाना मुश्किल है कि BA.2, ओमिक्रॉन BA.1 की तुलना में ज्यादा गंभीर है या नहीं लेकिन यूकेएचएसए इसकी जांच में जुटा हुआ है.

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