नेमरा में श्रद्धांजलि कार्यक्रम के लिए हाई-टेक व्यवस्था, उमड़ी अपार भीड़

रामगढ़: रामगढ़ जिले के नेमरा गांव में इन दिनों श्रद्धा और आस्था का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। झारखंड के दिशोम गुरु और झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन के संस्कार भोज और श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रदेशभर से श्रद्धालु लगातार पहुंच रहे हैं। गांव की गलियां, चौक-चौराहे और आसपास का इलाका हजारों लोगों की आवाजाही से गुलजार है।

पार्किंग से लेकर ऑटो-रिक्शा तक का इंतजाम

श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने इस बार हाई-टेक व्यवस्था की है। कार्यक्रम स्थल के पास वाहनों का दबाव न बढ़े, इसके लिए सेकंड पार्किंग स्थल बनाया गया है। यहां से श्रद्धालुओं को ऑटो के माध्यम से नेमरा चौक तक लाया जा रहा है। चौक पर उन्हें उतारकर पैदल आगे बढ़ने की व्यवस्था की गई है। वहीं आगे बढ़ने के लिए ई-रिक्शा उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे आसानी से संस्कार भोज स्थल तक पहुंच सकें।

सुरक्षा और यातायात पर विशेष नजर

नेमरा चौक पर प्रशासन की ओर से नो एंट्री बोर्ड लगाए गए हैं। यहां तक किसी भी तरह की वीआईपी गाड़ियां भी नहीं आ पा रही हैं। सभी वाहनों को यहीं रोक दिया जाता है और श्रद्धालुओं को निर्धारित व्यवस्था से ही आगे भेजा जाता है। पुलिस और सुरक्षा बल हर चौक-चौराहे पर मुस्तैदी से तैनात हैं। बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी और प्रशासनिक अधिकारी भीड़ को नियंत्रित करने में लगे हैं।

श्रद्धालुओं के लिए स्वास्थ्य सुविधा

भारी भीड़ को देखते हुए मेडिकल स्टॉल भी लगाए गए हैं। यहां पर ओआरएस, बुखार की दवाइयां और प्राथमिक उपचार की अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। स्वास्थ्यकर्मी मौके पर मौजूद रहकर लगातार श्रद्धालुओं की मदद कर रहे हैं। कार्यक्रम स्थल और चौक पर मेडिकल टीम तैनात है ताकि किसी आपात स्थिति में त्वरित मदद मिल सके।

श्रद्धालुओं का उमड़ता सैलाब

नेमरा चौक और आसपास का पूरा इलाका श्रद्धालुओं की भीड़ से खचाखच भरा हुआ है। लोग पैदल चलकर, ऑटो और ई-रिक्शा से कार्यक्रम स्थल की ओर बढ़ रहे हैं। सुबह से ही कतारें लगनी शुरू हो गई थीं और दोपहर तक स्थिति और भीड़भाड़ वाली हो गई। स्थानीय लोग भी इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बन रहे हैं।

गुरुजी के प्रति श्रद्धा का माहौल

लोगों की भीड़ और श्रद्धा इस बात का प्रमाण है कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन सिर्फ एक राजनीतिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि आदिवासी समाज और झारखंडी अस्मिता के प्रतीक रहे हैं। संस्कार भोज में शामिल होने वाले लोगों के चेहरे पर गुरुजी के प्रति सम्मान और स्मरण की झलक साफ दिखाई दे रही है।

नेमरा में प्रशासन और झामुमो कार्यकर्ता लगातार समन्वय बनाकर व्यवस्था को सफल बनाने में जुटे हैं। भीड़ की तीव्रता को देखते हुए शाम तक श्रद्धालुओं की संख्या और अधिक बढ़ने की संभावना है।

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