कटिहार : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के दौरान कटिहार जिले को विकास योजनाओं की बड़ी सौगात मिली। मुख्यमंत्री ने रिमोट के माध्यम से कुल 409.31 करोड़ रुपए की 443 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें 228.63 करोड़ रुपए की 257 योजनाओं का उद्घाटन और 180.68 करोड़ रुपए की 186 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। इन योजनाओं में सड़क, पुल, पेयजल, शिक्षा, शहरी विकास और पंचायत से जुड़ी कई अहम परियोजनाएं शामिल हैं। सबसे अधिक राशि ग्रामीण कार्य विभाग की योजनाओं पर खर्च की जा रही है। आरडब्ल्यूडी कटिहार डिवीजन की 26 योजनाओं का उद्घाटन और 35 योजनाओं का शिलान्यास किया गया, जिसकी कुल लागत करीब 99.59 करोड़ रुपए है।
मुख्यमंत्री ने कहा- पुल निर्माण विभाग की एक महत्वपूर्ण परियोजना पर 70.68 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुल निर्माण विभाग की एक महत्वपूर्ण परियोजना पर 70.68 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। इसके अलावा पंचायती राज विभाग की योजनाओं पर 44.7 करोड़ रुपए, आरडब्ल्यूयूडी मनिहारी की परियोजनाओं पर 40.64 करोड़ रुपए और आरडब्ल्यूडी बारसोई की योजनाओं पर 23.59 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। शहरी क्षेत्र में नगर निगम की 63 योजनाओं पर 20.52 करोड़ रुपए, पीएचईडी की 60 योजनाओं पर 25.74 करोड़ रुपए और शिक्षा विभाग की 11 योजनाओं पर 18.51 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं से कटिहार में बुनियादी ढांचे के विकास को नई गति मिलेगी और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

मुख्यमंत्री ने समृद्धि यात्रा के दौरान कटिहार जिले में चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा की
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज कटिहार जिला के प्राणपुर प्रखंड अंतर्गत बरझल्ला पंचायत में आयोजित कार्यक्रम स्थल पर समृद्धि यात्रा, 2026 के तहत जिले से संबंधित विकासात्मक एवं कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने प्रगति यात्रा के दौरान घोषित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली। समीक्षा बैठक के दौरान कटिहार के जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने प्रगति यात्रा से संबंधित योजनाओं, सात निश्चय-2 की योजनाओं तथा सात निश्चय-3 की योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी दी। जिलाधिकारी ने जिले में किए जा रहे अन्य विकास कार्यों की जानकारी दी।
हमारी सरकार ने अगले 5 वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी एवं रोजगार देने का लक्ष्य रखा है – नीतीश कुमार
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी एवं रोजगार देने का लक्ष्य रखा है। राज्य में उद्योग लगाने और स्वरोजगार करने वालों को कई प्रकार की सुविधायें देकर सरकार उन्हें प्रोत्साहित कर रही है। बिहार में उद्योग लगाने के लिये उद्यमियों को विशेष आर्थिक पैकेज दिया जा रहा है, इससे राज्य में उद्योग लगाने वाले उद्यमियों को काफी मदद मिलेगी। उद्योग लगाने के लिये सभी जिलों में सुविधायें दी जा रही हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि बिहार में उद्योगों को और ज्यादा बढ़ावा मिले, बिहार के युवा दक्ष एवं आत्मनिर्भर हों तथा उन्हें अधिक से अधिक रोजगार मिल सके एवं उनका भविष्य सुरक्षित हो।

समृद्धि यात्रा के तहत कटिहार में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज कटिहार जिला के प्राणपुर प्रखंड की बरझल्ला पंचायत में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। जन संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सब जानते हैं कि 24 नवंबर 2005 को पहली बार एनडीए सरकार बनी तब से राज्य में कानून का राज है और हम लगातार विकास के काम में लगे हुए हैं। याद है ना पहले क्या स्थिति थी? पहले बहुत बुरा हाल था? लोग शाम के बाद घर से बाहर नहीं निकलते थे। समाज में कितना विवाद होता था। कितना हिन्दू-मुस्लिम झगड़ा होता था? पढ़ाई का क्या हाल था? बहुत कम बच्चे पढ़ते थे। बहुत कम पढ़ाई होती थी। पहले इलाज का पूरा इंतजाम नहीं था। सडकें बहुत कम थीं और जो थीं उनका बुरा हाल था। बिजली बहुत कम जगह थी। अब किसी प्रकार के डर एवं भय का वातावरण नहीं है। राज्य में प्रेम, भाईचारा एवं शांति का माहौल है। पहले कितना हिन्दू-मुस्लिम झगड़ा होता था, इसलिए वर्ष 2006 से ही कब्रिस्तान की घेराबंदी शुरू की गयी है। बड़े पैमाने पर कब्रिस्तानों की घेराबंदी की जा चुकी है। अब कोई झगड़ा झंझट नहीं होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा- वर्ष 2016 से 60 वर्ष से पुराने हिन्दू मंदिरों की घेराबंदी की गई है जिससे चोरी आदि की घटनाएं नहीं होती है
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2016 से 60 वर्ष से पुराने हिन्दू मंदिरों की घेराबंदी की गई है जिससे चोरी आदि की घटनाएं नहीं होती है। सर्वप्रथम शिक्षा के क्षेत्र में विशेष ध्यान दिया गया। हमलोगों ने नियोजित शिक्षकों की बहाली की। बड़ी संख्या में नये स्कूल खोले और लड़के-लड़कियों के लिए पोशाक एवं साइकिल योजना चलायी। वर्ष 2023 से बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा दो लाख 58 हजार सरकारी शिक्षकों की बहाली की गयी है। वर्ष 2006 से तीन लाख 68 हजार नियोजित शिक्षक बने थे जिसमें से बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा 28 हजार 976 सरकारी शिक्षक बन गए। फिर सरकार ने तय किया कि नियोजित शिक्षकों को बीपीएससी की परीक्षा देने की जरूरत नहीं है। उन्हें मामूली सी परीक्षा लेकर, सरकारी शिक्षक बनाया जाए। इसके लिए उन्हें पांच मौके तय किए। अबतक चार परीक्षाओं का आयोजन हो चुका है जिसमें दो लाख 88 हजार नियोजित शिक्षक पास हो गए हैं। अब केवल 73 हजार शेष बच गए हैं जिन्हें मौका और दिया जाएगा। अब कुल मिलाकर सरकारी शिक्षकों की संख्या पांच लाख 24 हजार हो गई है। इसके अलावा बीपीएससी द्वारा 45 हजार नए पदों पर शिक्षकों की बहाली शुरू की जा रही है।

CM नीतीश के साथ डिप्टी सीएम के अलावा कई मंत्री व कई अधिकारी रहे शामिल
निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं विधायक तारकिशोर प्रसाद, विधायक दुलालचंद गोस्वामी, विधायक संगीता देवी, विधायक निशा सिंह, विधायक कविता देवी, विधायक विजय सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह, पूर्णिया प्रमंडल के आयुक्त राजेश कुमार, पूर्णिया प्रक्षेत्र के प्रभारी पुलिस उपमहानिरीक्षक कुमार आशीष, कटिहार के जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी और कटिहार के पुलिस अधीक्षक शिखर चौधरी सहित अन्य वरीय अधिकारी मौजूद थे।
रतन कुमार की रिपोर्ट
Highlights







