Giridih : भाकपा माले नेता रामा सिंह के निधन पर हजारों की भीड़ उमड़ी, लाल सलाम के नारों के बीच नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई

Giridih : सरिया प्रखंड के पश्चिमी क्षेत्र के बालेडीह गांव निवासी, भाकपा माले के वरिष्ठ नेता, समाजसेवी और गरीब-गुरबों के सच्चे साथी रामा सिंह का 20 अगस्त 2025 को रांची के ग्लोबल हॉस्पिटल में इलाज के दौरान निधन हो गया ! वे लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। दो महीने से अधिक समय तक वे रिम्स और फिर ग्लोबल हॉस्पिटल में भर्ती रहे। इलाज के लिए किए गए सहयोग आह्वान पर क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने आगे बढ़कर मदद की, किंतु तमाम प्रयासों के बावजूद रामा सिंह बच न सका । उनके निधन की खबर से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। जिसके बाद आज उनके पैतृक गांव बालेडीह में हजारों लोग उमड़ पड़े और नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। अंतिम यात्रा में गांव-गांव से जुटे गरीब, मजदूर, किसान, महिलाएं, युवा, छात्र, कार्यकर्ता, समाजसेवी और पार्टी नेतृत्व शामिल हुआ।

Giridih : रामा सिंह का जीवनी

कॉमरेड रामा सिंह का जन्म 1966 ईस्वी में गिरिडीह जिले के बालेडीह गांव (नगरकेशवारी पंचायत) में हुआ। शिक्षा केवल दशवीं कक्षा तक ही प्राप्त करने के बावजूद उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज के उत्थान और संघर्षों को समर्पित कर दिया।80 के दशक के अंतिम वर्षों में, जब गांव में शिक्षा की कोई व्यवस्था नहीं थी, तो उन्होंने अपने साथी भीखन सिंह के सहयोग से मिट्टी का घर बनाकर गांव के बच्चों को निःशुल्क पढ़ाना शुरू किया। इसी वजह से वे इलाके में “मास्टर साहब” के नाम से मशहूर हुए। 1988 में उन्होंने सामाजिक जीवन से राजनीतिक जीवन की ओर कदम बढ़ाया और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) से जुड़े। 2003 तक CPI में सक्रिय रहते हुए उन्होंने माओवादियों के खिलाफ संघर्ष किया ताकि समाज और लोकतांत्रिक ताकतों की राह में कोई बाधा न आए। उनकी ईमानदारी, सादगी और निडरता ने उन्हें जनता के बीच खास पहचान दिलाई।2003 में, शहीद कॉमरेड महेंद्र सिंह की कार्यशैली और विचारों से प्रभावित होकर वे भाकपा माले से जुड़े और जीवन के अंतिम समय तक उसी के साथ संघर्षरत रहे। 2005 में शहीद महेंद्र सिंह की हत्या के बाद उन्होंने सरिया पश्चिमी क्षेत्र में लाल झंडे को मजबूती से थामे रखा और काली ताकतों की साजिशों को नाकाम किया। उन्होंने घोर अभाव और कठिन परिस्थितियों में भी कभी संघर्ष का रास्ता नहीं छोड़ा।

निडरता और जनता से गहरा जुड़ाव था ! कॉमरेड रामा सिंह का जीवन सादगी, ईमानदारी, निडरता और जनसमर्पण का प्रतीक था। वे हर परिस्थिति में गरीबों, किसानों और वंचितों के पक्ष में खड़े हुए। एक घटना का जिक्र आज भी लोग करते हैं जब इलाके के एक नौजवान को अपराधियों ने जंगल में पकड़ने की कोशिश की थी, तो कॉमरेड रामा सिंह ने साथियों के साथ मौके पर पहुंचकर साहसिक कार्रवाई की और अपराधियों को खदेड़ दिया। उनकी यही जुझारूपन और निडरता उन्हें जनता का सच्चा नेता बनाती थी। वे सरिया ब्लॉक कमिटी के सक्रिय नेता होने के साथ-साथ पश्चिमी जोन के घुठिया-पेसरा इलाके में पार्टी प्रभारी भी थे।

यह वही इलाका है, जहां पहले कॉमरेड महेंद्र सिंह, कॉमरेड गंगाधर यादव, कॉमरेड गणपत मंडल, कॉमरेड मुरली यादव, कॉमरेड बुधन यादव जैसे जुझारू नेताओं ने भाजपा-पुलिस-माओवादी साजिशों से शहादत दी। ऐसे कठिन क्षेत्र में लाल झंडे को बुलंद रखना आसान नहीं था, लेकिन कॉमरेड रामा सिंह ने अपनी पूरी जिंदगी इसी संघर्ष को समर्पित की। उनकी उम्र लगभग 59 वर्ष रही। उनके परिवार में दो पुत्र और एक पुत्री हैं। आज बालेडीह गांव में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में हजारों लोग शामिल हुए। गरीब गुरबे महिलाओं-पुरुषों से लेकर तमाम राजनीतिक-सामाजिक संगठनों के साथी मौजूद थे। अंतिम यात्रा के दौरान “कॉमरेड रामा सिंह अमर रहे, रामा सिंह को लाल सलाम, रामा सिंह के अरमानों को मंजिल तक पहुंचाएंगे” जैसे गगनभेदी नारे गूंजते रहे।श्रंद्धाजलि सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले राज्य सचिव कॉमरेड मनोज भक्त ने कहा कॉमरेड रामा सिंह का जीवन हम सबके लिए प्रेरणा है। उन्होंने गरीबों, किसानों, मजदूरों और शोषित तबकों की लड़ाई को अपना जीवन धर्म माना। उनका साहस, त्याग, ईमानदारी और सादगी हम सभी के लिए आदर्श है। उनकी सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब हम उनके अधूरे सपनों और संकल्पों को पूरा करेंगे और लाल झंडे को और ऊंचा करेंगे।

Giridih : पूरे इलाके और जनसंघर्ष की अपूरणीय क्षति है-विनोद सिंह

भाकपा माले केंद्रीय कमिटी सदस्य कॉमरेड विनोद सिंह ने कहा कॉमरेड रामा सिंह का निधन केवल एक व्यक्ति की क्षति नहीं, बल्कि पूरे इलाके और जनसंघर्ष की अपूरणीय क्षति है। वे भले ही हमारे बीच भौतिक रूप से न हों, लेकिन उनके विचार, आदर्श और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों को हमेशा राह दिखाते रहेंगे। जब तक सूरज चांद रहेगा, कॉमरेड रामा जी का नाम रहेगा के भी नारे गूंजे। श्रद्धांजलि देने वालों में भाकपा माले राज्य सचिव मनोज भक्त, बगोदर के पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह, धनवार के पूर्व विधायक राज कुमार यादव, माले जिला सचिव अशोक पासवान, झामस राज्य सचिव सीताराम सिंह, माले राज्य कमिटी सदस्य भोला मंडल, पवन महतो, किशोरी अग्रवाल, पूनम महतो, सविता सिंह, संदीप जायसवाल, RYA महासचिव कॉमरेड नीरज कुमार, लालमणि यादव, विजय सिंह, सुरेंद्र सिंह, लक्ष्मण मंडल, महेंद्र मंडल, उप प्रमुख रामदेव यादव, कोलेशवर यादव, दिलीप यादव, सुखदेव सिंह, राहुल, अमन, कुश समेत बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे। इसके अलावा घटवार महासभा के नेता गोविंद राय, भोला सिंह, टेक नारायण सिंह, विजय राय, भीखन राय समेत कई समाजसेवी लोग भी उपस्थित हुए और उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

राज रवानी की रिपोर्ट–

Saffrn

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