गयाजी : बिहार की राजनीति में चुनावी माहौल जैसे-जैसे तेज हो रहा है, वैसे-वैसे भाजपा ने भी युवाओं के दम पर अपना शक्ति प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में शनिवार को बोधगया की धरती भाजपा युवा मोर्चा के ‘युवा शंखनाद’ कार्यक्रम की साक्षी बनी। हजारों की संख्या में जुटे युवाओं ने गगनभेदी नारों से माहौल को राजनीतिक अखाड़े में बदल दिया। मंच से भाजपा के बड़े नेताओं ने विपक्ष पर करारा वार किया और युवाओं के सामने भाजपा का विकास एजेंडा रखा।

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता नई दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज रहीं
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता नई दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज रहीं। उन्होंने विपक्षी इंडिया गठबंधन पर तीखा हमला बोला। बंसुरी ने पीएम मोदी की माताजी पर की गई अभद्र टिप्पणी को भारतीय संस्कृति और परंपरा का अपमान करार दिया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि हर भारतीय का अपमान है। उनके संबोधन के दौरान पूरा पंडाल मोदी-मोदी और भारत माता की जय के नारों से गूंज उठा।
बिहार अब लालटेन युग में लौटना नहीं चाहता – विधायक श्रेयसी सिंह
वहीं जमुई की विधायक और अंतरराष्ट्रीय शूटर श्रेयसी सिंह ने लालू-राबड़ी राज पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार अब लालटेन युग में लौटना नहीं चाहता। वह अंधकार, पिछड़ापन और कुशासन का दौर था। आज बिहार का युवा डिजिटल इंडिया, शिक्षा, खेल और रोजगार की बात करता है। हमारे सपने उजाले के हैं, लालटेन की टिमटिमाहट में नहीं। इस कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष भरतेंदु मिश्रा समेत भाजपा युवा मोर्चा और पार्टी के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। मिश्रा ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन को साकार करने में बिहार की युवा शक्ति सबसे बड़ी ताकत है।
BJP की राजनीति में युवा सबसे अहम कड़ी बन चुके हैं – सांसद बांसुरी स्वराज
सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि कार्यक्रम की भीड़ और जोश ने साफ कर दिया कि भाजपा की राजनीति में युवा सबसे अहम कड़ी बन चुके हैं। भाजपा ने इस मंच से सीधा संदेश दिया कि बिहार का भविष्य विकास की रौशनी में है, न कि लालटेन के अंधेरे में। बांसुरी स्वराज और श्रेयसी सिंह के जोशीले भाषणों ने भाजपा के एजेंडे को धारदार बनाया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पितृपक्ष के बीच बोधगया जैसे धार्मिक और अंतरराष्ट्रीय महत्व के स्थल से भाजपा का युवा शंखनाद सिर्फ संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं, बल्कि विपक्ष को सीधी चुनौती है।
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आशीष कुमार की रिपोर्ट
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