झारखंड के 38 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में एसीबी ने अहमदाबाद से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। फर्जी बैंक गारंटी से खेला गया करोड़ों का खेल।
Jharkhand Liquor Scam रांची/अहमदाबाद: झारखंड में हुए 38 करोड़ रुपये से अधिक के शराब घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अहमदाबाद से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में परेश अभेयसिंह ठाकोर, विक्रमासिंह अभेसिंह ठाकोर और महेश शिडगे शामिल हैं।
एसीबी की टीम ने तीनों को अहमदाबाद के वकील ब्रिज सोसाइटी के पास स्थित सन स्काई पार्क से पकड़ा। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उन्हें स्थानीय न्यायालय में पेश किया गया और अब उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर झारखंड लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
Key Highlights:
झारखंड के 38 करोड़ रुपये से अधिक के शराब घोटाले में अहम सफलता।
एसीबी (Anti-Corruption Bureau) ने अहमदाबाद से तीन आरोपी गिरफ्तार किए।
फर्जी बैंक गारंटी के जरिए मैनपावर सप्लाई ठेके में हुआ करोड़ों का खेल।
तीनों आरोपी M/s Vision Hospitality Services & Consultant Company से जुड़े।
कंपनी निदेशक विपिन जाधवभाई पटेल की भूमिका की जांच जारी।
एसीबी ने ट्रांजिट रिमांड प्रक्रिया शुरू की, आरोपियों को झारखंड लाया जाएगा।
Jharkhand Liquor Scam : फर्जी बैंक गारंटी से हुआ करोड़ों का खेल
एसीबी ने जांच में पाया कि तीनों आरोपी मेसर्स विजन हॉस्पिटैलिटी सर्विसेज एंड कंसलटेंट कंपनी से जुड़े हैं। यह कंपनी झारखंड में शराब दुकानों के संचालन हेतु मैनपावर सप्लाई का ठेका लिए हुए थी।
जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि कंपनी ने झारखंड बेवरेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (JBCL) के पक्ष में जो बैंक गारंटी जमा की थी, वह फर्जी थी। इसके माध्यम से कंपनी ने राज्य सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगाया।
एसीबी के डीएसपी संतोष कुमार ने 25 मई 2025 को तीनों आरोपियों को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा था। लेकिन जब आरोपियों ने सहयोग नहीं किया और तथ्यों को छिपाने का प्रयास किया, तब न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट जारी कराया गया। इसके बाद एसीबी टीम ने अहमदाबाद में छापेमारी कर तीनों को गिरफ्तार किया।
Jharkhand Liquor Scam कंपनी पर 12.98 करोड़ रुपये का बकाया
जांच में सामने आया कि कंपनी को जोन-10 (हजारीबाग, चतरा और कोडरमा) में शराब दुकानों के संचालन का ई-टेंडर मिला था। परंतु फर्जी बैंक गारंटी के सहारे कंपनी ने काम जारी रखा और शराब बिक्री से प्राप्त राशि का पूरा भुगतान सरकार को नहीं किया।
परिणामस्वरूप, कंपनी पर 12 करोड़ 98 लाख रुपये से अधिक का बकाया रह गया।
इस घोटाले से संबंधित कंपनी के एक अन्य निदेशक विपिन जाधवभाई पटेल को भी एसीबी ने नोटिस जारी किया है, जिनकी भूमिका की जांच अब भी जारी है।
Jharkhand Liquor Scam ट्रांजिट रिमांड पर झारखंड लाया जाएगा
एसीबी ने तीनों आरोपियों को स्थानीय अदालत में प्रस्तुत करने के बाद ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया शुरू कर दी है ताकि उन्हें पूछताछ के लिए रांची मुख्यालय लाया जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि झारखंड लाकर पूछताछ में कई और नाम सामने आ सकते हैं।
Jharkhand Liquor Scam बड़ी जांच, बड़े खुलासे की उम्मीद
एसीबी सूत्रों के अनुसार, यह मामला झारखंड में शराब दुकानों के संचालन में फैले सिस्टमेटिक करप्शन और फर्जी वित्तीय गारंटियों से जुड़ा है।
जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी बैंक गारंटी तैयार करने में किन बैंकों या एजेंटों की भूमिका रही।
अहमदाबाद से हुई तीन बड़ी गिरफ्तारियों के बाद झारखंड शराब घोटाले की जांच एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। एसीबी को उम्मीद है कि आरोपियों की रिमांड से कई और अहम तथ्य सामने आएंगे, जो इस बहु-करोड़ घोटाले के पीछे के पूरे नेटवर्क को उजागर करेंगे।
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