Dhanbad: जिले के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र में रविवार देर रात तेज रफ्तार और कार रेसिंग ने बड़ा हादसा खड़ा कर दिया। भेलाटांड़ 8 लेन रोड पर रेस लगा रही एक हुंडई कार ने चार वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। इस दुर्घटना में चार वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि चार लोग घायल हुए हैं। इनमें से एक युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह हादसा शराब के नशे में तेज रफ्तार और रेसिंग के कारण हुआ। घटना मेमको मोड़ से गोल बिल्डिंग की ओर जाने वाली सर्विस रोड पर घटी।
कैसे हुआ हादसाः
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जेएच10आर 9354 नंबर की तेज रफ्तार कार ने पीछे चल रही जेएच10एबी 8756 नंबर की कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दूसरी कार पलट गई। इसी दौरान सड़क किनारे खड़े न्यू कार्मिक नगर निवासी 38 वर्षीय विकास कुमार, उनकी पत्नी 35 वर्षीय प्रिया कुमारी, 12 वर्षीय बेटी यशी शर्मा और 3 वर्षीय दीक्षा शर्मा बाल-बाल बच गए। परिवार श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल में आयोजित वार्षिक महोत्सव से लौट रहा था। टक्कर मारने वाली कार अनियंत्रित होकर आगे बढ़ गई और सड़क किनारे खड़ी जेएच10बीएल 6969 नंबर की कार समेत अन्य वाहनों और बाइकों को भी चपेट में ले लिया।
एक युवक गंभीर रूप से घायलः
इस हादसे में निखिल मोदी गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि वे दुकान से चाय पीकर अपनी गाड़ी की ओर जा रहे थे, तभी रेसिंग कर रही कार की चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों और उनके दोस्तों की मदद से उन्हें पहले एशियन जालान अस्पताल, फिर असर्फी अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें दुर्गापुर रेफर कर दिया गया।
पुलिस कार्रवाईः
घटना की सूचना मिलते ही बरवाअड्डा पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों क्षतिग्रस्त वाहनों को जब्त कर लिया। पुलिस ने हुंडई कार से शराब की बोतलें भी बरामद की हैं। मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही जा रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स और सरकारी आंकड़ों के अनुसार…
भारत में तेज रफ्तार और लापरवाही ने हाल के वर्षों में कई बड़े और जानलेवा सड़क हादसे दिए हैं। 2023 में देशभर में 1.73 लाख से अधिक लोग सड़क दुर्घटनाओं में मारे गए, जिनमें ओवर-स्पीडिंग एक मुख्य कारण थी, खासकर शाम और रात के समय में जब visibility कम होती है और वाहनों की रफ्तार बढ़ जाती है। www.ndtv.com 2024 की रिपोर्ट के अनुसार ऐसे हादसों में मौतों की संख्या और बढ़कर लगभग 1.77 लाख हुई, जो यह दिखाती है कि नियमों का उल्लंघन और तेज रफ्तार कितनी बड़ी समस्या बनी हुई है।
मीडिया रिपोर्ट्स और आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारत में तेज रफ्तार और लापरवाही बीते कुछ वर्षों में सड़क हादसों का एक बड़ा कारण बनी है। वर्ष 2023 में देशभर में सड़क दुर्घटनाओं में 1.73 लाख से अधिक लोगों की जान गई, जिसमें ओवर-स्पीडिंग को प्रमुख वजहों में गिना गया, विशेषकर शाम और रात के समय जब दृश्यता कम हो जाती है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक 2024 में यह आंकड़ा और बढ़कर लगभग 1.77 लाख तक पहुंच गया, जो यह दर्शाता है कि नियमों की अनदेखी और तेज रफ्तार कितनी गंभीर समस्या बन चुकी है। विभिन्न समाचार माध्यमों में सामने आई घटनाओं में यमुना एक्सप्रेसवे पर एक मल्टी-व्हीकल हादसे में 19 लोगों की मौत, अगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार से पलटी SUV में चार लोगों की जान, और राजस्थान के भीलवाड़ा में एक तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से दो लोगों की मौत जैसी घटनाएं शामिल हैं।
ऐसे मामलों से स्पष्ट होता है कि सड़क पर एक पल की लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है और इसके दुष्परिणाम पूरे परिवारों को झेलने पड़ते हैं।
रिपोर्टः अनिल पांडे
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