रातू स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के 130 छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने पंचघाघ जलप्रपात का शैक्षणिक भ्रमण किया और ऐतिहासिक महत्व को जाना।
School Tour रांची: हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, काठीटांड रातू के लगभग 130 भैया बहनों सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं प्रबंधकारिणी समिति के सदस्य बुधवार को झारखंड के ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक स्थल पंचघाघ पहुंचे। इस शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य बच्चों को प्रकृति, इतिहास और स्थानीय धरोहरों की जानकारी देना था।
5 Key Highlights
• सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, काठीटांड रातू के 130 छात्र-छात्राओं का शैक्षणिक भ्रमण
• पंचघाघ जलप्रपात चुनकर ऐतिहासिक और प्राकृतिक ज्ञान बढ़ाने का प्रयास
• प्रकृति के प्रति प्रेम और धरोहरों की समझ विकसित करने पर जोर
• विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों की पूर्ण सहभागिता
• बच्चों ने प्राकृतिक वातावरण में समय बिताया और ज्ञान अर्जित किया
School Tour: भ्रमण के दौरान प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव
शहर के शोर-शराबे से दूर पंचघाघ के शांत, स्वच्छ और हरियाली भरे वातावरण में पहुंचकर भैया-बहन अत्यंत उत्साहित एवं आनंदित हुए। पर्वतीय झरनों की ठंडी फुहारें और प्राकृतिक मनोरम दृश्यों ने बच्चों को प्रकृति से जुड़ाव का नया अनुभव दिया।
School Tour: भ्रमण का उद्देश्य और लाभ
विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि इस प्रकार के शैक्षणिक दौरों से बच्चों में ऐतिहासिक स्थलों के प्रति जिज्ञासा बढ़ती है, प्रकृति की समझ विकसित होती है तथा आनंदमय कोष का विस्तार होता है। यह शैक्षणिक यात्रा बच्चों के समग्र व्यक्तित्व विकास में भी सहायक सिद्ध होती है।
School Tour: विद्यालय प्रबंधन की सहभागिता
इस भ्रमण में विद्यालय के संरक्षक श्री देव चरण उरांव, प्रधानाचार्य अजय कुमार, आचार्य बंधु-भगिनी एवं अन्य सेवक-सेविकाएं भी उपस्थित रहे। सभी ने अपनी देखरेख में इस यात्रा को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित भ्रमण सुनिश्चित किया।
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